मुखिया ने डीसी को सौंपा ज्ञापन, वैकल्पिक व्यवस्था कर आवासीय प्रमाण पत्र जारी करने की मांग
सिमरिया(चतरा)। प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत बन्हे पंचायत के विभिन्न गांवों में रहने वाले भुइयां जाति के करीब 200 परिवार सरकार द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के अभाव में एसआईआर से वंचित हो सकते हैं। मामले को लेकर बन्हे पंचायत के मुखिया सुधीर कुमार सिंह ने चतरा उपायुक्त को पत्र सौंपकर विशेष ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में मुखिया ने बताया कि सिमरिया प्रखंड के विभिन्न गांवों में रहने वाले मूलवासी भुइयां जाति के 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों के पास अपनी कोई खतियानी जमीन नहीं है। ये परिवार वर्षों से सरकारी, वन भूमि अथवा स्थानीय जमींदारों की जमीन पर घर बनाकर रह रहे हैं। ज्ञापन में शिक्षा की कमी का हवाला देते हुए कहा गया है कि समाज के करीब 98 प्रतिशत लोग सरकारी या निजी नौकरियों से दूर हैं।
मुखिया के अनुसार अत्यधिक गरीबी के कारण ये परिवार कभी अपने लिए जमीन नहीं खरीद सके। वर्तमान में भी कई परिवार सरकार द्वारा दिए गए वासगीत पर्चा या भूदान की जमीन पर जीवन बसर कर रहे हैं। ऐसे में निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण इनके एसआईआर में शामिल होने को लेकर चिंता बनी हुई है।
चार गांवों में सामने आए आंकड़े
मुखिया सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि बन्हे पंचायत के कई गांवों के भुइयां परिवारों के नाम कटने की स्थिति बन रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रूहर्सनाथपुर में 136, टिकुलिया में 35, बन्हे में 18 और गोवा में 13 लोगों की जानकारी मिली है।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यदि सरकार की ओर से इन परिवारों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था कर आवासीय प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता है, तो इन सभी का नाम एसआईआर से कटने की आशंका है। उन्होंने उपायुक्त से मामले में विशेष पहल करते हुए प्रभावित परिवारों के हित में समाधान निकालने की मांग की है।




















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