भर्ती रद्द करने की अधिसूचना के क्रियान्वयन पर रोक, फिलहाल नौकरी जारी रखने का निर्देश
रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CGL)-2023 के माध्यम से राज्य के विभिन्न विभागों में नियुक्त 1340 अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने CGL-2023 के विज्ञापन संख्या 10/2023 को रद्द करने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना के क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को फिलहाल अपने पद पर काम जारी रखने का निर्देश दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थियों का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने प्रथम दृष्टया कहा कि किसी नियमित नियुक्ति को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन किए बिना समाप्त नहीं किया जा सकता। अदालत ने राज्य सरकार को मामले में जवाबी शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।
राज्य सरकार को अपने शपथ पत्र में सीआईडी जांच और अब तक हुई कार्रवाई से संबंधित जानकारी देने को कहा गया है। वहीं, प्रार्थियों को 14 सितंबर तक जवाबी शपथ पत्र दाखिल करना होगा।
1340 अधिकारियों की ओर से दायर याचिका में राज्य सरकार की उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है, जिसके माध्यम से CGL-2023 की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित विज्ञापन को रद्द किया गया है। प्रार्थियों में रोजलिन स्वेता तिग्गा, शालिनी सुंडी और ऋषिकेश सज्जन समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, अर्पण एक्का और कुमार अभिषेक ने अदालत को बताया कि CGL परीक्षा के माध्यम से चयनित होने के बाद इन अधिकारियों की नियुक्ति विभिन्न विभागों में की गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं।
अधिवक्ताओं ने दलील दी कि नौकरी कर रहे अधिकारियों को हटाने से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर राज्य सरकार की अधिसूचना के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मामले में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को दोपहर 12:15 बजे निर्धारित की गई है। अगली सुनवाई में सरकार के जवाब और सीआईडी जांच से संबंधित जानकारी के आधार पर मामले में आगे की सुनवाई होगी।
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