Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

डंपिंग यार्ड शुरू कराने की मांग को लेकर मजदूरों का धरना, रोजगार का मुद्दा उठा

---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

नगर परिषद अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शन, मांग नहीं मानी तो रोपवे बंद कराने की चेतावनी

लोहरदगा, न्यूज स्केल संवाददाता: पारस कुमार इंद्र गुरु।
हिंडाल्को कंपनी के रोपवे बॉक्साइट साइडिंग गेट के सामने बुधवार को स्थानीय मजदूरों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। मजदूरों ने लंबे समय से बंद पड़े बॉक्साइट डंपिंग यार्ड को पुनः शुरू करने की मांग की। धरना के दौरान रोजगार और मजदूरों के हक-अधिकार से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। आंदोलन का नेतृत्व लोहरदगा नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव ने किया।

धरना को संबोधित करते हुए अनिल उरांव ने कहा कि बॉक्साइट खनन और इससे जुड़े कारोबार से लंबे समय से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता रहा है। डंपिंग यार्ड बंद होने से बड़ी संख्या में मजदूरों के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय मजदूर रोजगार और अपने अधिकारों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

डीएमएफटी राशि के उपयोग पर भी उठाए सवाल

अनिल उरांव ने लोहरदगा शहर की मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के गठन के बाद कई अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि आए, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ मजदूरों के अधिकारों को लेकर अपेक्षित स्तर पर काम नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि लोहरदगा खनिज संपदा से समृद्ध जिला है। यहां से सरकार को राजस्व प्राप्त होने के साथ ही खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफटी के माध्यम से राशि भी मिलती है। इसके बावजूद लोगों को आज भी कई मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने डीएमएफटी फंड के उपयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों और शहर के विकास के लिए उपलब्ध राशि का सही तरीके से उपयोग होना चाहिए। खनन से मिलने वाले राजस्व और विकास निधि का लाभ स्थानीय जनता, मजदूरों तथा प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

सांसद-विधायक की भूमिका पर भी उठाए सवाल

धरना के दौरान अनिल उरांव ने स्थानीय सांसद और विधायक की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों और हिंडाल्को कंपनी के बीच कथित मिलीभगत के कारण जिले के विकास की गति प्रभावित हुई है। हालांकि, ये आरोप उनके द्वारा लगाए गए हैं और इन पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। उन्होंने कहा कि कुछ चुनिंदा लोगों का विकास तेजी से हुआ, लेकिन आम मजदूर और स्थानीय जनता आज भी रोजगार तथा बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।

डंपिंग यार्ड चालू होने से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

धरना में शामिल मजदूरों ने कहा कि बॉक्साइट डंपिंग यार्ड के दोबारा संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और मजदूरों को अपने क्षेत्र में ही काम मिल सकेगा। मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए सकारात्मक पहल करने की मांग की।

मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन होगा व्यापक

अनिल उरांव ने चेतावनी दी कि यदि हिंडाल्को कंपनी मजदूरों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है और बंद बॉक्साइट डंपिंग यार्ड को पुनः शुरू नहीं किया जाता है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बगरू से लोहरदगा तक संचालित कंपनी के रोपवे का संचालन बंद कराने के लिए भी आंदोलन किया जा सकता है।

धरना-प्रदर्शन में नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव के साथ रोपा उरांव, प्रेम उरांव, धर्म उरांव, विदेश उरांव, मो. ननका, नीलमणि तिग्गा, शिव शांति उरांव, पूजा कुमारी, फूल कुमारी, राजकुमार वर्मा, दिनेश साहू, देवचरण भगत, बलराम उरांव, जगनंदन पौराणिक, सुशीला देवी, हिना उरांव, मनीता उरांव, कमला उरांव सहित सैकड़ों मजदूर मौजूद रहे।

लोहरदगा से पारस कुमार इंद्र गुरु की रिपोर्ट।

न्यूज स्केल लाइव | भरोसे की पहचान

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment