एकतरफा प्यार और सनक में कसाई बना डीजे संचालक; लहूलुहान मां-बेटी रात भर काटती रहीं चौकियों के चक्कर, CHC के डॉक्टरों की सूचना पर जागी पुलिस
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली और बर्बर वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। यहाँ एकतरफा प्यार और शादी से इनकार करने पर एक सिरफिरे युवक ने 17 साल की एक बेकसूर नाबालिग लड़की पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। इस झकझोर देने वाले मामले में यूपी पुलिस की संवेदनहीनता और बड़ी लापरवाही भी उजागर हुई है, जहां गंभीर रूप से घायल पीड़ित मां-बेटी रात भर इंसाफ के लिए पुलिस चौकियों की चौखट खटखटाती रहीं, लेकिन खाकी का दिल नहीं पसीजा।
शादी समारोह से लौट रही थी नाबालिग, रास्ते में दबोचा
यह खौफनाक वारदात 11 मई की रात की है। पीड़ित 17 वर्षीय नाबालिग लड़की अपनी चचेरी बहन की शादी के ‘तेल पूजन’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आई हुई थी। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब वह रात में वापस अपने घर लौट रही थी, तो घर से महज 200 मीटर पहले ही रास्ते में गांव के ही 24 वर्षीय आरोपी अतुल ने उसे दबोच लिया। आरोपी ने जबरन उसका मुंह दबाया और उसे घसीटते हुए एक सुनसान जगह पर ले गया, जहां उसने नाबालिग को एक पेड़ से कसकर बांध दिया।
“भैया कहती हूँ…” सुनते ही खौला खून, पार की दरिंदगी की इंतिहा
शिकायत के मुताबिक, आरोपी अतुल पिछले कई दिनों से राह चलते नाबालिग के साथ छेड़खानी कर रहा था और रास्ता रोककर शादी करने का दबाव बना रहा था। उस काली रात भी उसने पेड़ से बंधी नाबालिग के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। पीड़िता ने उसे समझाने की कोशिश की कि वह रिश्ते में उसका भाई लगता है और वह उसे ‘भैया’ कहती है, इसलिए वह शादी नहीं कर सकती।
यह सुनते ही अतुल के सिर पर खून सवार हो गया। उसने पहले तो लड़की को लाठी-डंडों और घूंसों से अधमरा होने तक पीटा। इसके बाद भी जब नाबालिग शादी के लिए तैयार नहीं हुई, तो उसने हैवानियत का सबसे क्रूर चेहरा दिखाते हुए धारदार हथियार से उसके दोनों ब्रेस्ट के ऊपरी हिस्से को काट डाला। अत्यधिक खून बहने और असहनीय दर्द के कारण नाबालिग मौके पर ही बेहोश हो गई।
रात भर तड़पती रही पीड़िता, टरकाती रही यूपी पुलिस
होश आने पर जब नाबालिग किसी तरह खुद को बंधन से मुक्त कराकर अपने घर पहुंची, तो उसकी हालत देख मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। दर्द से छटपटाती और खून से लथपथ बेटी को लेकर मां सबसे पहले प्रतापनगर पुलिस चौकी पहुंची, लेकिन संवेदनहीन पुलिसकर्मियों ने वहां से उन्हें कोथावां चौकी टाल दिया। पूरी रात मां-बेटी गंभीर हालत में थानों और चौकियों के चक्कर काटती रहीं, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज करना तो दूर, पीड़िता को अस्पताल ले जाना तक जरूरी नहीं समझा। आखिरकार सुबह मां अपनी बेटी को बेनीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने लड़की की अत्यंत गंभीर हालत को देखते हुए खुद पुलिस को आधिकारिक सूचना दी।
दिल्ली में बैग बनाने का काम करती थी पीड़िता
पीड़ित नाबालिग अपने पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर की है और उसके सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका है। वह दिल्ली में अपनी बड़ी बहन के साथ रहकर बैग बनाने का काम करती थी और सिर्फ चचेरी बहन की शादी में शामिल होने गांव आई थी। वहीं, आरोपी अतुल अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है और गांव में ही डीजे (DJ) संचालन का काम करता है।
डॉक्टरों की दखल के बाद जगी पुलिस, आरोपी हिरासत में
मामला बढ़ने और अस्पताल से आधिकारिक मेमो मिलने के बाद बेनीगंज कोतवाली पुलिस हरकत में आई। कोतवाली प्रभारी सतीश चंद्र ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और आरोपी अतुल को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। हालाँकि, पीड़ित परिवार का गंभीर आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती दौर में रसूखदार आरोपी और मामले को दबाने के लिए सिर्फ साधारण मारपीट की धाराएं लगाई थीं, जिसे बाद में उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बदला गया।


















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