16 मई की रात जबरन उठा ले गए थे दरिंदे; एसपी के निर्देश पर बनी SIT ने 24 घंटे के भीतर सभी को दबोचा, बालिग आरोपी भेजे गए जेल
झारखंड के पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक 13 साल की मासूम नाबालिग लड़की को जबरन उठाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की घिनौनी घटना को अंजाम दिया गया। इस संवेदनशील मामले में पाकुड़ पुलिस ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर कांड में संलिप्त 5 बालिग आरोपी गिरफ्तार, 2 नाबालिग भी पुलिस अभिरक्षा में लिया है। पाकुड़ पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुदीप सिंह ने इस बड़ी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि की है।
रात के अंधेरे में दिया वारदात को अंजाम, परिजनों ने दिखाई हिम्मत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक घटना शनिवार (16 मई) की रात लगभग 8:30 बजे की है। महेशपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को कुछ युवकों ने अकेले पाकर जबरन अगवा कर लिया और एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद सहमी पीड़िता ने किसी तरह अपने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई। घटना के दूसरे दिन यानी रविवार को पीड़िता के हौसलेमंद परिजन सीधे महेशपुर थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
एसपी के निर्देश पर बनी SIT; घेराबंदी कर दबोचे गए सभी सातों कातिल
मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता की उम्र को देखते हुए एसपी अनुदीप सिंह ने तत्काल कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अपराधियों को दबोचने के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) विजय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। गठित एसआईटी ने तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की और कांड में शामिल सभी सातों आरोपियों को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पुलिसिया कार्रवाई:
हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिसिया पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है: अविनाश सोरेन, बबूटा सोरेन, अंसार टुडू, बबनु हेम्ब्रम, कार्तिक मुर्मू (दो आरोपी नाबालिग हैं, जिनकी उम्र कानूनन गुप्त रखी गई है)
न्यायिक हिरासत और बाल सुधार गृह: महेशपुर पुलिस ने बताया कि पकड़े गए पांच बालिग अभियुक्तों के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और सामूहिक दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत कांड दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। वहीं, घटना में शामिल दो नाबालिग आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बाल सुधार गृह (Remand Home) भेजा जाएगा। पुलिस ने पीड़िता को चिकित्सीय सहायता और साक्ष्य जुटाने के लिए अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए भेजा है।
इस त्वरित और सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में एसडीपीओ विजय कुमार के अलावा पुलिस निरीक्षक मदन कुमार शर्मा, पुलिस अवर निरीक्षक (SI) अजय महतो, अजय कुमार उपाध्याय, मनोज कुमार महतो और श्रीचांद किस्कू सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।






















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