पिकअप ने स्कूटी सवार को कुचला, अस्पताल में तोड़ा दम; कांग्रेस नेता की मां की मौत से भड़के ग्रामीण, लगी गाड़ियों की लंबी कतार
चतरा/हंटरगंज | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले में शनिवार को तेज रफ्तार और अनियंत्रित भारी वाहनों ने दो घरों के चिराग बुझा दिए। अलग-अलग क्षेत्रों में हुए दो दर्दनाक सड़क हादसों में एक युवक और एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद से स्थानीय लोगों में प्रशासन और लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
पहला हादसा: तपेज में पिकअप की टक्कर से स्कूटी सवार की मौत
पहली घटना चतरा सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत तपेज इलाके में हुई। यहाँ एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी सवार युवक दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से घायल युवक को आनन-फानन में चतरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान लाइन मोहल्ला निवासी मो. रेहान ने दम तोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद पिकअप चालक वाहन सहित मौके से भागने में सफल रहा। सदर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार वाहन की तलाश में जुट गई है।
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दूसरा हादसा: हंटरगंज में हाइवा ने बुजुर्ग महिला को रौंदा, सड़क जाम
दूसरा भीषण हादसा चतरा-गया मुख्य मार्ग पर हंटरगंज प्रखंड मुख्यालय के समीप हुआ। ओबीसी कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष श्रवण साव की 61 वर्षीय मां कांति देवी अपने घर के पास मौजूद थीं, तभी एक तेज रफ्तार हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में कांति देवी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मुआवजे की मांग को लेकर चतरा-गया रोड ब्लॉक घटना की खबर मिलते ही मृतका के परिजनों और सैकड़ों ग्रामीणों ने चतरा-गया मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। आक्रोशित ग्रामीण पीड़ित परिवार को उचित सरकारी मुआवजा देने और दोषी हाइवा चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। चक्काजाम के कारण हाईवे के दोनों ओर यात्री बसों और मालवाहक ट्रकों की किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
प्रशासन ने दिया आश्वासन, लोगों में गुस्सा
सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को निष्पक्ष कार्रवाई और नियमानुसार मुआवजा दिलाने का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि चतरा की सड़कों पर भारी वाहनों (हाइवा और ट्रकों) की तेज रफ्तार आम लोगों के लिए काल बन चुकी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी इलाकों में नो-एंट्री के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए और स्पीड गवर्नर की नियमित जांच की जाए।




















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