गिद्धौर और पत्थलगड़ा में प्रकृति का कहर; दर्जनों बिजली के पोल धराशायी, कर्मियों के अथक प्रयास के बाद बहाल हुई आपूर्ति
चतरा | न्यूज़ स्केल लाइव
चतरा जिले में शुक्रवार को मौसम का एक अलग ही रूप देखने को मिला। जेठ के महीने में, जहाँ लोग भीषण गर्मी की उम्मीद कर रहे थे, वहाँ सावन जैसी मूसलाधार बारिश और तेज आंधी ने दस्तक दी। जिले के गिद्धौर और पत्थलगड़ा समेत आसपास के प्रखंडों में प्रकृति के इस बदले मिजाज के कारण घंटों तक जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा।
आंधी से भारी तबाही: धराशायी हुए बिजली के पोल तेज हवाओं का वेग इतना अधिक था कि कई स्थानों पर दर्जनों बिजली के पोल जड़ से उखड़ गए और तार टूटकर जमीन पर आ गिरे। इसके कारण पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था घंटों तक ठप रही। वहीं, ग्रामीण इलाकों में कई गरीब परिवारों के घरों के करकट और छप्पर आंधी में उड़ गए, जिससे लोगों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
अंधेरे में डूबा रहा क्षेत्र, बिजली कर्मियों ने दिखाया जज्बा आंधी-पानी थमने के बाद बिजली विभाग के मिस्त्री युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य में जुट गए। क्षतिग्रस्त पोल और टूटे तारों को ठीक करने के लिए कर्मियों ने कड़ी मेहनत की। देर रात पत्थलगड़ा क्षेत्र के मिस्त्रियों के अथक प्रयास के बाद आखिरकार बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। अंधेरा दूर होने पर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और बिजली कर्मियों के प्रति आभार प्रकट किया।
प्रशासन से मुआवजे की मांग खराब मौसम के कारण आवागमन में भी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर जलजमाव और पेड़ गिरने की खबरों के बीच स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का अविलंब आकलन किया जाए और पीड़ित परिवारों को उचित सरकारी सहायता व मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।





















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