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राष्ट्रीय लोक अदालत का ऑन लाइन उद्धघाटन न्यायमूर्ति सह कार्यकारी अध्यक्ष एवं सचिव द्वारा किया गया

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गुमला –  न्यायमूर्ति  सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायाधीश झारखंड उच्च न्यायालय सह कार्यकारी अध्यक्ष झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण रांची तथा रंजना अस्थाना मेंबर सेक्रेटरी झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण रांची  मंजूनाथ भंजत्री उपायुक्त रांची तथा अन्य न्यायमूर्ति के गरिमामयी  उपस्थिति में  वर्ष के द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का ऑनलाइन उद्घाटन रांची से किया  गया। जिसमें माननीय न्यायाधीश  ने कहा की सरकार की जो भी योजनाएं हैं उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, और सभी को सुलभ न्याय मिले। समाज में फैली कुरीतियों जैसे डायन विषाही  प्रथा, बाल विवाह, बाल श्रम आदि पर हम समाज को जागरूक होना होगा और इसको दूर करने के लिए हर प्रयास करना होगा। डायन से कोई नहीं मारता है, लोग बीमारी से मरते हैं इसलिए हमको जागरूक होना होगा और बीमार पड़ने पर अस्पताल जाकर इलाज करना होगा सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की व्यवस्था है ।  राष्ट्रीय लोक अदालत के ऑनलाइन उद्घाटन के अवसर पर गुमला व्यवहार न्यायालय में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष विधिक सेवा प्राधिकार गुमला अजीत कुमार सिंह, एडीजे प्रथम प्रेम शंकर ,कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश ओम प्रकाश, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री राम कुमार लाल गुप्ता, आदि उपस्थित रहे । इस अवसर पर माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत वर्ष में चार बार आयोजित की जाती है तथा मासिक लोक अदालत प्रत्येक माह आयोजित की जाती है । जिसमें समझौता के माध्यम से मामले का निपटारा होता है जिसमें किसी की हार और किसी की जीत नहीं होती है इसमें दोनों ही पक्ष विजयी होते हैं तथा समय की बचत और पैसे की भी बचत होती है इसलिए इसमें अधिक से अधिक बाद कारियों को इसका लाभ उठाना चाहिए। इस मौके पर फैमिली कोर्ट के द्वारा एक भरण पोषण मामले को पति-पत्नी के सहमति से निष्पादन किया गया । तथा एक बिछड़े हुए परिवार पति-पत्नी को मिलाया गया जो दो साल से अलग रह रहे थे ,दोनों पति-पत्नी अच्छे जीवन जीने की शपथ ली।

मोटर वाहन दुर्घटना में प्रधान जिला जज के द्वारा मृतक अनिल वर्मा की पत्नी सुनीता देवी को 19 लाख 1हजार27 रुपया तथा उनका बेटा बॉबी अनीशा वर्मा को931477 रुपया तथा पिता महेश्वर राम को 931477 रुपया का चेक दिया गया तथा  मृतक सूरज प्रजापति की आश्रित पत्नी मैनावती देवी को ₹400000 बेटा इंद्रजीत कुमार को ₹400000 का चेक दिया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बैंक द्वारा लगाए शिविरों की स्वंय भ्रमण कर कार्यों का जायजा लिया तथा तथा सभी बैंचों में जाकर उनके कार्यों का भी निरीक्षण किया। इस वर्ष के द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर कुल सात बेंच का गठन किया गया जिसमें कुल 30,569मामलों का निष्पादन किया गया जिसमें प्रीलिटिगेशन के 28,008 मामले एवं पेंडिंग 2561मामलों का निष्पादन हुआ  साथ ही साथ 22करोड़ 34 लाख 46 हजार 202 रुपए की सेटलमेंट राशि प्राप्ति हुई।

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