लॉ एंड ऑर्डर पर मुख्यमंत्री की हाई लेवल मीटिंग, लापता बच्चों की सुरक्षित वापसी को दी सर्वोच्च प्राथमिकता, चतरा-खूंटी और रांची में अफीम पर विशेष नजर रखने के निर्देश
रांची, News Scale Live: झारखंड में कानून-व्यवस्था (Law & Order) को चुस्त-दुरुस्त रखने और आम जनता को भयमुक्त माहौल देने के लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के आला पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान सीएम ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण में पुलिस किसी भी तरह की कोई कोताही न बरते और पूरी तरह से अलर्ट मोड (सतर्क) में रहे। लापता बच्चों और महिलाओं की सुरक्षित वापसी पर सबसे ज्यादा जोर बाल कल्याण और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि राज्य में लापता बच्चों और महिलाओं से जुड़े मामलों को सबसे ऊपर रखा जाए। पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ इन मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करे और हर हाल में लापता बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षित रिकवरी सुनिश्चित की जाए।
नशे के सौदागरों की टूटेगी कमर, चतरा समेत 3 जिलों में अफीम पर खास नजर राज्य में युवाओं को बर्बाद कर रहे नशे के कारोबार पर प्रहार करते हुए सीएम ने ड्रग्स की ‘सप्लाई चेन’ को पूरी तरह ध्वस्त करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज और युवाओं की भीड़ वाले इलाकों में नशा सप्लायरों पर पैनी नजर रखी जाए। इसके साथ ही राज्य में अफीम की खेती को जड़ से खत्म करने के लिए चतरा, खूंटी और रांची जिले के अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्कता बरतने और ताबड़तोड़ कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया गया है। अफीम की खेती के खिलाफ पुलिस लगातार मॉनिटरिंग करे और आम लोगों को भी जागरूक करे।
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भू-माफिया को न मिले कोई संरक्षण, कस्टडी में मौत पर होगी सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री ने शहरी इलाकों से सटे क्षेत्रों में बढ़ रहे जमीन विवादों पर चिंता जताते हुए थानेदारों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की तरफ से किसी भी कीमत पर किसी भू-माफिया को कोई संरक्षण (Protection) नहीं मिलना चाहिए। सीएम ने पुलिस को कड़े शब्दों में यह भी हिदायत दी कि पुलिस हिरासत (Custody) के दौरान किसी भी प्रकार की यातना या मृत्यु की घटनाओं को सरकार पूरी गंभीरता से लेगी, इसलिए हर स्तर पर संवेदनशील होने की जरूरत है। संगठित अपराध (Organized Crime) से निपटने के लिए सरकार पुलिस को पूरी छूट और सुविधाएं दे रही है।
‘दफ्तर में बैठें अधिकारी, गांवों का करें दौरा’ आम जनता और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिलों के एसपी (SP), डीएसपी (DSP) और थाना प्रभारी तय समय पर अपने कार्यालयों में मौजूद रहें। वे जनता की समस्याएं सुनकर उनका तुरंत समाधान निकालें। इसके अलावा पुलिस अधिकारी शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों का भी औचक निरीक्षण और दौरा करें, ताकि पुलिस पर आम लोगों का विश्वास और ज्यादा मजबूत हो सके। इस अहम बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव (गृह) वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी और जिलों के सभी एसपी मौजूद रहे।
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