जलस्रोत सूखने से वन्यजीवों पर संकट, वन विभाग पर उठे सवाल
चतरा। जिले में बढ़ता तापमान अब वन्यजीवों के लिए संकट बनता जा रहा है। मामला सदर प्रखंड के रक्सी गांव का है, जहां देश का राष्ट्रीय पक्षी मोर जंगल से भटककर पानी की तलाश में गांव पहुंच गया। हालांकि एक जागरूक ग्रामीण की तत्परता से उसकी जान बच गई। बताया जाता है कि शनिवार शाम भीषण गर्मी और जंगलों में जलस्रोत सूख जाने के कारण मोर पानी की तलाश में गांव की ओर आ गया। इस दौरान स्थानीय निवासी जुलकर नैन की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए मोर को कुत्तों और शिकारियों से बचाया तथा पूरी रात उसकी देखभाल की।
अगले दिन रविवार सुबह उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जुलकर नैन की मदद से मोर को सुरक्षित वापस जंगल में छोड़ दिया गया। हालांकि इस घटना ने वन विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में जंगलों के जलस्रोत सूख चुके हैं, जिससे बेजुबान पशु-पक्षी बस्तियों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वन विभाग ने जंगलों में वन्यजीवों के लिए पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की है? आखिर राष्ट्रीय पक्षी मोर को अपनी प्यास बुझाने के लिए जान जोखिम में डालकर गांव क्यों आना पड़ा? स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जंगलों में जल्द से जल्द कृत्रिम जलस्रोत बनाए जाएं, ताकि वन्यजीवों को राहत मिल सके और वे दुर्घटनाओं या शिकार का शिकार न बनें। यह घटना केवल एक मोर की नहीं, बल्कि पूरे वन्यजीव तंत्र की पीड़ा को उजागर करती है।



















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