पेट्रोल पंप कारोबारी ने कारोबार में घाटे का ठीकरा बच्ची पर फोड़ा, खाटू श्याम जाने के बहाने नेशनल हाईवे पर छोड़ा, केयरटेकर ने खोले प्रताड़ना के गहरे राज
राजगढ़/श्योपुर : मध्य प्रदेश के राजगढ़ से एक ऐसी दर्दनाक और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जो यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि दौलत भले ही आ जाए, लेकिन सोच का दिवालियापन कैसे इंसान को हैवान बना देता है। राजगढ़ के एक करोड़पति कारोबारी पति-पत्नी ने अपनी गोद ली हुई ढाई साल की मासूम बेटी को सिर्फ इसलिए ‘मनहूस’ और ‘अशुभ’ मानकर सुनसान हाईवे पर फेंक दिया, क्योंकि उन्हें लगता था कि बच्ची के आने के बाद उनका कारोबार घाटे में जा रहा है। इस अमानवीय कृत्य का श्योपुर पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए आरोपी कारोबारी आकाश मूंदड़ा और उसकी पत्नी कृतिका मूंदड़ा को गिरफ्तार कर लिया है।
यह खौफनाक घटना 19 अप्रैल के आसपास की है। पुलिस के मुताबिक, मूंदड़ा कपल धार्मिक यात्रा के लिए खाटू श्याम और मेहंदीपुर बालाजी जा रहे थे। इसी दौरान श्योपुर के सोईकलां इलाके से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-552 पर एक सुनसान जगह देखकर उन्होंने बच्ची को सड़क किनारे रोता हुआ छोड़ दिया और अपनी लग्जरी गाड़ी से आगे निकल गए। कुछ समय बाद राहगीरों ने बच्ची को सड़क पर अकेले रोते देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया। इतनी छोटी उम्र होने के कारण बच्ची अपना या माता-पिता का नाम बताने में असमर्थ थी। इसके बाद पुलिस ने बच्ची को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया, जहां से उसे ‘वन स्टॉप सेंटर’ भेज दिया गया है।
आरोपी मूंदड़ा परिवार की गिनती राजगढ़ के जाने-माने और रईस कारोबारी घरानों में होती है। उनके पास कई पेट्रोल पंप और अन्य संपत्तियां हैं। पूछताछ में इस रईस कपल ने जो कारण बताया, वह बेहद शर्मनाक था। उन्होंने पुलिस के सामने कबूल किया कि उन्होंने अंधविश्वास के चलते यह कदम उठाया। उन्हें लगा कि इस बच्ची को घर से निकाल देने से उनका घाटे में जा रहा कारोबार फिर से पटरी पर लौट आएगा और घर में खुशहाली आ जाएगी। बच्ची के परिजनों को ढूंढने के लिए श्योपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर अभियान चलाया। बच्ची की तस्वीरें वायरल होने के बाद भोपाल के लालघाटी (एयरपोर्ट रोड) इलाके की रहने वाली बबीता नाविक नामक महिला ने श्योपुर पुलिस से संपर्क किया। बबीता ने खुद को बच्ची की केयरटेकर बताया। केयरटेकर बबीता ने कारोबारी आकाश और उसकी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि ये लोग शुरू से ही मासूम के साथ भेदभाव करते थे और उसके साथ नियमित रूप से मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी।
गोद लेने के दस्तावेजों पर भी उठे सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि जब पुलिस ने आरोपी कपल से बच्ची को गोद लेने (Adoption) से जुड़े कानूनी दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए। इससे इस पूरी प्रक्रिया और उनकी नीयत पर गंभीर कानूनी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है कि आखिर यह बच्ची उनके पास आई कहां से थी।





















Total Users : 932818
Total views : 2682659