ओडिशा से पहुंचे परिजनों ने सामने रखा सच, 6 महीने से लापता थी किशोरी; पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई; राष्ट्रीय महिला आयोग ने डीजीपी से 7 दिन में मांगी रिपोर्ट; मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा समेत तीन पुलिसकर्मी जेल में
जमशेदपुर। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में एक महिला फरियादी से कथित दुष्कर्म के मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की तकनीकी और दस्तावेजी जांच में जब पीड़िता के उम्र से जुड़े कागजात खंगाले गए, तो उसके नाबालिग होने का सच सामने आया। पीड़िता की वास्तविक उम्र महज 15 वर्ष 2 माह पाई गई। इसके बाद पुलिस ने उसके कथित पति को भी गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया है।
कैसे सामने आया पूरा सच?
दरअसल, 29 अक्टूबर 2026 की रात एक महिला घरेलू विवाद की शिकायत लेकर गम्हरिया थाना पहुंची थी। उसने खुद को 20 वर्ष की बताया था। थाने में तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा ने मदद के बहाने उसे एक कमरे में ठहराया और उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया। घटना के कई दिनों बाद जब मामला मीडिया में आया, तो ओडिशा के बड़बिल/मयूरभंज क्षेत्र के परिजनों ने तस्वीरों के जरिए पीड़िता को पहचान लिया। वे मानवाधिकार संगठन की टीम के साथ गम्हरिया थाना पहुंचे और पुलिस को बताया कि उनकी बेटी पिछले छह महीने से लापता थी। परिजनों ने जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के दस्तावेज सौंपे, जिसके बाद उसके नाबालिग होने की पुष्टि हुई।
पति पर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई
परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने पीड़िता के कथित पति शंकर दास को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने, बंधक बनाकर रखने, अवैध रूप से शादी करने, यौन शोषण करने और वेश्यावृत्ति के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप हैं। शंकर दास के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि शंकर दास आपराधिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति है और गोरा दास हत्याकांड में 11 साल की सजा काट चुका है।
अब तक की बड़ी कार्रवाई
-
तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार: मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा, एसआई मनोज कुमार साहू और कांस्टेबल संतोष राय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इन पर अब पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
-
15 पुलिसकर्मी निलंबित: सरायकेला एसपी मनोज स्वर्गियारी ने पूर्व थाना प्रभारी समेत कुल 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि थाने में रात के वक्त अवैध गतिविधियां चल रही थीं और घटना को दबाने की कोशिश की गई।
-
नई पुलिस व्यवस्था: 29 अक्टूबर से गम्हरिया थाने में नई पुलिस व्यवस्था बहाल कर दी गई है। नवनियुक्त थाना प्रभारी राजेश टुडू के नेतृत्व में नए पुलिस बल ने जिम्मेदारी संभाल ली है।
-
राष्ट्रीय महिला आयोग सख्त: आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं और सात दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) मांगी है।
आगे की जांच और पीड़िता की सुरक्षा
पीड़िता को फिलहाल CWC की देखरेख में सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी पति उसे ओडिशा से गम्हरिया कैसे और किस परिस्थिति में लाया था। मामले की जांच एसआईटी कर रही है और थाने में कथित रूप से चल रही अन्य गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।




















Total Users : 1257120
Total views : 3119474