प्राक्कलन और मानकों के अनुरूप काम नहीं होने का आरोप, शिकायत के बावजूद सुधार नहीं; ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच, भौतिक सत्यापन और दोषी ठेकेदारों-अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की
मयूरहंड (चतरा)। मयूरहंड प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई विद्यालयों में निर्माण कार्य निर्धारित प्राक्कलन एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है। कहीं निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है, तो कहीं सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालयों में विकास कार्य बच्चों की सुविधा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए कराए जाते हैं, लेकिन निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता होना गंभीर चिंता का विषय है।
सबसे अहम सवाल यह है कि संबंधित अधिकारियों को शिकायत और अनियमितता की जानकारी देने के बावजूद स्थिति में सुधार क्यों नहीं हो रहा है? क्या निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है? यदि अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण कर रहे हैं, तो फिर इस तरह की शिकायतें सामने क्यों आ रही हैं?
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों से मयूरहंड प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों में चल रहे तथा हाल में पूर्ण हुए निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही निर्माण सामग्री, प्राक्कलन और कार्य की वास्तविक गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन कर दोषी पाए जाने वाले ठेकेदारों एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह है कि ग्रामीणों की शिकायतों पर प्रशासन कब संज्ञान लेता है। विद्यालयों का विकास बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला है, ऐसे में निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही और अनियमितता की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
भरोसे की पहचान — न्यूज स्केल लाइव



















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