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वन प्रक्षेत्र में अफीम की खेती के खिलाफ जागरूकता बैठक, ग्रामीणों को बताए गए दुष्परिणाम

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सैटेलाइट और ड्रोन से हो रही निगरानी, अवैध खेती की सूचना देने वाले का नाम रखा जाएगा गोपनीय; ग्रामीणों ने अभियान में सहयोग का दिया आश्वासन

चतरा। चतरा वन प्रक्षेत्र के अंतर्गत सदर प्रखंड के लुटू, तिलैया, कदले, नावाडीह और बरैनी के लोगों के बीच मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य क्षेत्र में अवैध रूप से की जा रही अफीम/पोस्ता की खेती को रोकना और ग्रामीणों को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराना था।

बैठक में ग्रामीणों को जानकारी दी गई कि अफीम एक घातक मादक पदार्थ है। इसके सेवन से व्यक्ति नशे का आदी हो जाता है और नशे के कारण युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। उन्हें बताया गया कि वन विभाग द्वारा सैटेलाइट व ड्रोन से निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई कि कोई भी अफीम की खेती न करे और न ही किसी को करने दे।

वन विभाग की ओर से कहा गया कि यदि कहीं अफीम की खेती की जानकारी मिलती है, तो तुरंत वन विभाग या स्थानीय थाना को गुप्त रूप से सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इस पर ग्रामीणों ने अफीम की खेती नहीं करने और अभियान में सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर वनपाल कमल किशोर, प्रधान वनरक्षी राकेश कुमार और प्रधान वनरक्षी सुरेश कुमार दास मौजूद थे।

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