विनोबा के साहित्य के माध्यम से गांधी के विचारों तक पहुंचने का आह्वान, हर विभाग से एक गांव गोद लेने की अपील
हजारीबाग, संवाददाता। झारखंड के हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय में शुक्रवार को राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में आचार्य विनोबा भावे जयंती समारोह आयोजित किया गया। रवींद्रनाथ टैगोर कलाभवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने कहा कि कुलगुरु के रूप में उनका धर्म विद्यार्थियों की सेवा करना है।
उन्होंने कहा कि वे बचपन से ही महात्मा गांधी और आचार्य विनोबा भावे के जीवन एवं दर्शन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आचार्य विनोबा भावे के साहित्य का अध्ययन करने और उनके विचारों के माध्यम से महात्मा गांधी के दर्शन को समझने का आह्वान किया।
कुलपति ने कहा कि हम सभी भाग्यशाली हैं कि समाज ने हमें पढ़ने-लिखने का अवसर दिया है। ऐसे में समाज के प्रति हमारी भी जिम्मेदारी है। आचार्य विनोबा भावे को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम समाज के उन लोगों के लिए कुछ सार्थक करें, जिनके पास संसाधनों का अभाव है।
उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि समाज को शिक्षित करना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह शक्ति है, जिसके माध्यम से व्यक्ति को सही और गलत का बोध होता है।
प्रो. शर्मा ने विश्वविद्यालय के सभी विभागों से एक-एक गांव को गोद लेकर वहां शिक्षा के प्रसार में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अच्छे कार्य के लिए संसाधनों की कमी को बाधा नहीं बनने देना चाहिए। अपनी हुनर, शक्ति और परिश्रम के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए।
समारोह का शुभारंभ आचार्य विनोबा भावे की प्रतिमा पर कुलपति, विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
इसके बाद राजनीति विज्ञान विभाग के प्रशाल में गोष्ठी आयोजित की गई। विभागीय शिक्षक डॉ. अशोक राम ने विषय प्रवेश करते हुए अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का स्वागत किया। विद्यार्थी वक्ता प्रज्ञा आर्या ने अपने संबोधन से उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।
डॉ. अजय बहादुर सिंह ने आचार्य विनोबा भावे के ‘भूदान यज्ञ’ दर्शन पर प्रकाश डाला। वहीं लाइब्रेरी साइंस के निदेशक डॉ. विनोद रंजन ने विनोबा भावे के जीवन और चिंतन का अनुसरण करने के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थी मुस्कान कुमारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विद्यार्थी ऋतिक मिश्रा ने किया।
इस अवसर पर विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ. इंद्रजीत कुमार, वाणिज्य संकायाध्यक्ष डॉ. अग्रवाल, समाज विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ. रेणु बोस, मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ. एस. जेड. हक, कुलसचिव डॉ. सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, वित्त पदाधिकारी डॉ. प्रदीप पाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ. पंकज माझी सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, निदेशक, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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