पुलों पर बड़े-बड़े गड्ढे, स्लैब टूटने से निकली सरिया और बिखरी गिट्टियां; ग्रामीणों ने स्थायी मरम्मत की उठाई मांग
गिद्धौर (चतरा)। गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र से चतरा-हजारीबाग को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की स्थिति इन दिनों बेहद दयनीय हो गई है। इस मार्ग पर पड़ने वाले करीब एक दर्जन पुलों की हालत जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बदहाल पुलों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
जानकारी के अनुसार रामटुंडा नदी, गिद्धौर की बड़की नदी, बरियातू नदी, कोटाही नदी और तिलैया नदी समेत अन्य नदियों पर बने पुलों पर बड़े गड्ढे हो गए हैं। कई स्थानों पर पुल की स्लैब टूटने से सरिया बाहर निकल आई है, जबकि गिट्टियां सड़क पर बिखरी हुई हैं। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के आवागमन में लगातार परेशानी हो रही है।
खानापूर्ति की मरम्मत से नहीं मिल रही राहत
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा पुलों की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। उनका कहना है कि गड्ढों में गिट्टी-मिट्टी डालकर मरम्मत दिखा दी जाती है, लेकिन कुछ ही घंटों में सामग्री उखड़ जाती है और पुल दोबारा गड्ढों में तब्दील हो जाता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, इस बदहाली के कारण अब तक सैकड़ों लोग घायल हो चुके हैं और दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि पुलों पर न तो पर्याप्त संकेतक लगे हैं और न ही रोशनी की व्यवस्था है।
प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि इतनी गंभीर समस्या के बावजूद जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का अपेक्षित ध्यान नहीं है। सांसद, विधायक और संबंधित अधिकारियों की कथित उदासीनता को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि चतरा-हजारीबाग मुख्य मार्ग के सभी जर्जर पुलों का अविलंब स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।





















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