बकाया मानदेय की मांग को लेकर एजेंसी कार्यालय पहुंचे कर्मी, बच्चों की फीस से लेकर दवा-राशन तक का संकट
देवघर, संवाददाता। झारखंड के देवघर जिले के सदर अस्पताल में एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मियों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कर्मियों का आरोप है कि उनसे नियमित रूप से काम लिया जा रहा है, लेकिन पिछले करीब पांच माह से मानदेय और वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण कई कर्मियों के सामने घर चलाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
बकाया वेतन की मांग को लेकर सदर अस्पताल में कार्यरत कई कर्मी एजेंसी समानता के कार्यालय पहुंचे और अपने लंबित भुगतान की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला कर्मियों ने अपनी समस्याएं सामने रखीं। कई महिला कर्मियों की आंखों में आर्थिक परेशानी का दर्द साफ दिखाई दिया।
महिला कर्मियों ने बताया कि वेतन नहीं मिलने के कारण अब राशन तक उधार लेना मुश्किल हो गया है। राशन दुकानदारों ने भी लंबे समय से बकाया होने के कारण उधार देने से मना करना शुरू कर दिया है। वहीं बच्चों की स्कूल फीस समय पर जमा नहीं होने के कारण उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मियों का कहना है कि घर के बुजुर्गों की दवा खरीदने तक के लिए पैसे नहीं हैं। कई परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। महिला कर्मियों ने कहा कि वे लगातार काम कर रही हैं, लेकिन वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार भूखे रहने की स्थिति में पहुंच गया है।
वेतन की मांग को लेकर एजेंसी कार्यालय पहुंची एक महिला कर्मी अपने बच्चे को गोद में लिए भावुक होकर रो पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, इस दृश्य ने वहां मौजूद अन्य कर्मियों और लोगों को भी भावुक कर दिया।
एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे सवाल
इधर, सूत्रों के हवाले से एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि एक ओर पुराने कर्मियों के वेतन का भुगतान लंबित है, वहीं दूसरी ओर एजेंसी से जुड़े कर्मी अजीत कुमार राय द्वारा कथित रूप से नए लोगों की बहाली की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कर्मियों का कहना है कि विभाग की ओर से जारी नए निर्देश के अनुसार एजेंसी द्वारा सिविल सर्जन के निर्देश के बिना नई बहाली नहीं की जा सकती। ऐसे में यदि नई नियुक्तियां की जा रही हैं तो इसकी जांच होनी चाहिए और पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
कर्मियों ने अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए बकाया वेतन का भुगतान कराने की मांग की है। साथ ही देवघर उपायुक्त से भी पूरे मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।
फिलहाल कर्मियों का कहना है कि वे लगातार अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन पांच माह से भुगतान नहीं होने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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