सड़क कई जगहों से कटी, एंबुलेंस पहुंचना मुश्किल; ग्रामीणों ने स्थायी मरम्मत की उठाई मांग
कान्हाचट्टी (चतरा)।। चतरा जिले के कान्हाचट्टी प्रखंड अंतर्गत चिरीदीरी पंचायत के सिंदुरिया नवाडीह गांव में सड़क की बदहाली अब ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। डेमपर से बैजनाथ ठाकुर के घर तक जाने वाली सड़क कई जगहों पर बीच से कटकर बह गई है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे और जगह-जगह हुआ कटाव बारिश के दिनों में आवागमन को बेहद जोखिमपूर्ण बना रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ समय पहले तक जिस रास्ते से लोग पैदल, बाइक और चारपहिया वाहनों से आसानी से आवागमन करते थे, अब उसी सड़क पर कदम-कदम पर खतरा बना हुआ है। बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव ने सड़क के कई हिस्सों को काट दिया है। कई स्थानों पर सड़क की सतह उखड़ गई है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मरीज को अस्पताल ले जाना भी बना चुनौती
सड़क की बदहाली का सबसे गंभीर असर आपात स्थिति में देखने को मिलता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण कई बार एंबुलेंस गांव के अंदर तक नहीं पहुंच पाती। ऐसी स्थिति में मरीज को घर से चारपाई या अन्य साधन के सहारे सड़क के उस हिस्से तक ले जाना पड़ता है, जहां एंबुलेंस पहुंच सके।
ग्रामीणों के मुताबिक, बीमारी, प्रसव या दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में एक-एक मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में खराब सड़क के कारण एंबुलेंस को गांव तक पहुंचने में परेशानी होने से मरीज को अस्पताल ले जाने में अनावश्यक देरी हो सकती है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीणों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से भी जुड़ा गंभीर मामला है।
बारिश शुरू होते ही बढ़ जाती है परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या नई नहीं है। बारिश शुरू होते ही सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जाती है। पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर बहता है और मिट्टी का कटाव करते हुए सड़क के हिस्सों को नुकसान पहुंचाता है।
जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ के कारण बाइक सवारों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। पैदल चलने वाले लोगों को भी पानी और कीचड़ के बीच रास्ता तलाशकर आगे बढ़ना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों के लिए यह रास्ता अधिक परेशानी वाला बन गया है।
स्कूल, बाजार और अस्पताल जाने में परेशानी
सिंदुरिया नवाडीह के ग्रामीणों के लिए यह सड़क रोजमर्रा के जीवन की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसी रास्ते से ग्रामीण स्कूल, बाजार, अस्पताल तथा अन्य जरूरी कामों के लिए आवागमन करते हैं। सड़क खराब होने के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है, जबकि बुजुर्गों और मरीजों के लिए आवागमन और अधिक कठिन हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति खराब रहने से गांव के विकास पर भी असर पड़ रहा है। जरूरी सेवाओं और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
कई बार जानकारी देने के बाद भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों का दावा है कि सड़क की बदहाली की जानकारी पंचायत के मुखिया, पंचायत सेवक तथा संबंधित जनप्रतिनिधियों को कई बार दी गई है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों के अनुसार, हर बार सड़क को दुरुस्त कराने का भरोसा मिलता है, लेकिन बारिश आते ही सड़क की स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल गड्ढों में मिट्टी या पत्थर डालकर कुछ समय के लिए आवागमन बहाल करना पर्याप्त नहीं है। बारिश में पानी के बहाव से सड़क दोबारा क्षतिग्रस्त हो जाती है।
ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से सड़क का तत्काल स्थल निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क के कटे हुए हिस्सों की मजबूती से मरम्मत कराई जाए तथा पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था की जाए।
ग्रामीणों की मांग है कि सड़क की मरम्मत महज खानापूर्ति के तौर पर न की जाए, बल्कि तकनीकी रूप से मजबूत निर्माण कराया जाए, ताकि प्रत्येक बारिश के बाद सड़क के बहने और कटने की समस्या उत्पन्न न हो।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए गांव की लाइफलाइन है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो अगली बारिश में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीण अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क पर वास्तविक काम शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
रिपोर्टर : सम्राट पाठक
न्यूज़ स्केल लाइव | भरोसे की पहचान

























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