लाभुकों ने निष्पक्ष जांच कर पात्र परिवारों के कार्ड बहाल करने की मांग की, आपूर्ति पदाधिकारी ने बताई अपात्रता की वजह
कुंदा (चतरा)। कुंदा प्रखंड क्षेत्र में बड़ी संख्या में राशन कार्ड रद्द किए जाने के बाद लाभुकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गरीब परिवारों का कहना है कि वे मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं और सरकारी राशन उनके लिए बड़ा सहारा है। ऐसे में राशन कार्ड रद्द होने से उनके सामने खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो गया है।
लाभुक बिनीता देवी ने बताया कि उनका परिवार पूरी तरह मजदूरी पर निर्भर है। इसके बावजूद उनका राशन कार्ड रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद सरकारी खाद्य योजना के लाभ से वंचित होने के कारण परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास न तो सरकारी नौकरी है और न ही आय का कोई स्थायी स्रोत। इसके बावजूद उनका नाम राशन कार्ड की सूची से हटा दिया गया है। ऐसे में कई गरीब परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लाभुक मनिता देवी और सुमित्रा देवी ने प्रशासन से मांग की है कि रद्द किए गए राशन कार्डों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल है तो उसका कार्ड रद्द किया जाए, लेकिन पात्र एवं गरीब परिवारों के राशन कार्ड पुनः बहाल किए जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं होने पर कई परिवारों के सामने भोजन का संकट गहरा सकता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से शीघ्र हस्तक्षेप कर पात्र लाभुकों को राहत देने तथा जांच के बाद उनके राशन कार्ड दोबारा जारी करने की मांग की है।

इधर, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी शिवा कुमार ने बताया कि जिला आपूर्ति कार्यालय के निर्देशानुसार जिन लोगों की वार्षिक आय छह लाख रुपये से अधिक है, जिनके पास चारपहिया वाहन, बड़ा पक्का मकान या पर्याप्त भूमि है, उन्हें राशन कार्ड के लिए अपात्र घोषित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार इसी आधार पर राशन कार्डों का सत्यापन एवं कार्रवाई की जा रही है।




















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