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जेजे एक्ट के दायित्वों से इतर आवासीय विद्यालय पहुंची बाल कल्याण समिति, व्यवस्थाओं में मिली कई खामियां

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एससी आवासीय विद्यालय में प्रधानाध्यापक अनुपस्थित मिले, जर्जर छात्रावास व मूलभूत सुविधाओं की कमी से बच्चों ने कराया अवगत

हंटरगंज (चतरा)। कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय, हंटरगंज में गुरुवार को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की टीम ने औचक निरीक्षण कर छात्रावास, भोजन, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक बनवारी रजक अनुपस्थित मिले, जबकि छात्र-छात्राओं ने छात्रावास की जर्जर स्थिति, बारिश के दौरान छत से पानी टपकने तथा मूलभूत सुविधाओं की कमी की शिकायत की।

सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष नर्मदेश्वर सिंह के नेतृत्व में पहुंचे निरीक्षण दल में संरक्षण पदाधिकारी आलोक कुमार शर्मा, सदस्य प्रियंका अधिकारी, मुकेश पांडेय तथा कल्याण पदाधिकारी दिनकर कुमार शामिल थे। टीम ने छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों के संबंध में संबंधित विभाग को विस्तृत प्रतिवेदन भेजकर आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा किए जाने की बात कही गई।

सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष नर्मदेश्वर सिंह ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा एवं बेहतर आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां सामने आई हैं, उनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक कार्रवाई करते हुए बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

उल्लेखनीय है कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत बाल कल्याण समिति एक वैधानिक निकाय है, जिसके प्रमुख दायित्व देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के मामलों में संरक्षण, पुनर्वास, सामाजिक पुनर्स्थापन तथा अधिनियम के अनुरूप आदेश पारित करना है। वहीं सरकारी आवासीय विद्यालयों के प्रशासनिक संचालन, भवन अनुरक्षण, आधारभूत संरचना एवं नियमित शैक्षणिक व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन के अधीन होती है।

ऐसे में आवासीय विद्यालय के इस निरीक्षण ने बाल कल्याण समिति की वैधानिक भूमिका तथा संबंधित विभागों की प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा को भी जन्म दिया है। अब संबंधित विभाग द्वारा निरीक्षण प्रतिवेदन पर की जाने वाली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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