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गुमला- देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को कांग्रेस ने छात्रों के संघर्ष की पहली जीत बताया है। गुमला में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यछ सह जिला प्रभारी बंधु तिर्की ने केंद्र की भाजपा सरकार और आरएसएस पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा। बंधु तिर्की ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा सुधार की दिशा में पहला कदम है। देश की शिक्षा व्यवस्था को भाजपा और आरएसएस ने खोखला कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों में आरएसएस से जुड़े लोगों को जगह दी जा रही है। केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाते रहे हैं। जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहीं छात्राओं के साथ कथित पुलिस बर्बरता की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी बेटियों को भी नहीं बख्शा गया। एक तरफ सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देती है और दूसरी ओर आंदोलन कर रही बेटियों पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
छात्राओं के परिवारों को एक-एक करोड़ मुआवजे की मांग
बंधु तिर्की ने पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई छात्र-छात्राओं ने अपना जीवन समाप्त किया है। सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री से पूरे मामले पर देश के सामने आकर माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली से छात्र और युवा बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवालों को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
व्यापम घोटाले का मुद्दा भी उठाया
कांग्रेस नेता ने मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले का जिक्र करते हुए भाजपा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि इतने बड़े घोटाले की जांच का क्या हुआ।अब तक इसकी पूरी जांच क्यों नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि घोटाले से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
बंधु तिर्की ने कहा कि प्रधानमंत्री ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ की बात करते हैं, लेकिन जब भ्रष्टाचार और घोटालों के गंभीर आरोप सामने आते हैं तो सरकार की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं पर भी सरकार को घेरा
झारखंड में जेपीएससी और कर्मचारी चयन आयोग से जुड़े विवादों पर भी बंधु तिर्की ने भाजपा को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में भर्ती व्यवस्था को लेकर जो समस्याएं आज सामने आ रही हैं, उसकी बुनियाद भाजपा शासनकाल में ही पड़ी थी। उन्होंने तत्कालीन सरकार और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी करने वाला व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और गिरफ्तारियां भी हुई हैं। कुछ संदिग्ध लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई भी हुई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
मेन सौदागर तक पहुंचना जरूरी
भर्ती घोटालों पर सवाल उठाते हुए बंधु तिर्की ने कहा कि छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई से मामला खत्म नहीं होना चाहिए। जांच एजेंसियों को उन लोगों तक पहुंचना होगा जो इस पूरे खेल के असली संचालक हैं। उन्होंने कहा कि घोटाले के पीछे कौन लोग हैं, यह जांच में सामने आना चाहिए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें उत्पाद सिपाही, दरोगा और अन्य नियुक्तियों को लेकर राज्य की चिंता है तो विधानसभा के सदन में इस मुद्दे पर गंभीर बहस करें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सदन की कार्यवाही बाधित करने के बजाय मुद्दों पर सार्थक चर्चा से बच रही है।
हिंदू-मुसलमान के बजाय रोजगार पर बहस करे भाजपा
बंधु तिर्की ने कहा कि भाजपा को युवाओं के रोजगार, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर होने के बाद भाजपा सदन में गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक विवाद पैदा करने में लगी रहती है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी। शिक्षा और रोजगार के सवाल पर छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।प्रेस वार्ता में जिला उपाध्यक्ष रोहित उरांव, युवा अध्यक्ष आजाद अंसारी, अल्पसंख्यक अध्यक्ष साहेब वसीम, मनीष हिंदुस्तान, डॉ. चंद्रकिशोर केरकेट्टा, जय सिंह, अभिषेक सोरेंग, रूपेश कुमार सन्नी, शहजाद खान सहित अन्य कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।














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