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गुमला – गुमला जिला खनन पदाधिकारी विभूति कुमार की सेवानिवृति के साथ ही जिला खनन विभाग इन दिनों सिर्फ कर्मचारियों के देखरेख में चल रहा है ना ही तो विभाग से कोई चालान काटे जा रहे हैं और ना ही जिला खनन पदाधिकारी की नियुक्ति पर सरकार द्वारा जिले के लिए सबसे ज्यादा रॉयल्टी देने वाले खनन विभाग में नये पदाधिकारी डी एम ओ की नियुक्ति पर ध्यान दिया जा रहा है। अभी वर्तमान में जिला खनन विभाग की यह स्थिति बनी हुई है कि यहां सिर्फ कर्मचारियों की उपस्थिति है और इंस्पेक्टर की नियुक्ति है पर उनसे मुलाकात होना मुश्किल है।
हालांकि जिला प्रशासन द्वारा अवैध उत्खनन रोकने के लिए जिला टास्क फोर्स कमेटी गठित किया गया है फिर भी बालू लदे दर्जनों ट्रेक्टर प्रतिदिन अवैध तरीके से बालू माफियाओं द्वारा शहरी क्षेत्रों में दुगने दाम पर बालू गिराएं जा रहें हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि गुमला मुख्यालय में ही जब अवैध तरीके से बालू लदे दर्जनों ट्रेक्टर प्रतिदिन बालू लेकर बेखौफ होकर बालू गिर रहें हैं तो फिर जिला प्रशासन एवं सरकार द्वारा बालू पर लगी रोक लगाने की बातें एक तरफ से कोरा कागज बना हुआ है।
यहां बताते चलें कि गुमला जिले भर में अवैध तरीके से बालू उत्खनन पर निगरानी के लिए अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी, एसडीपीओ, एसडीओ जिला टास्क फोर्स कमेटी में शामिल हैं फिर भी बालू माफियाओं द्वारा सेटिंग गेटिंग से या फिर जिला प्रशासन के आंखों में धूल झोंककर बेखौफ बालू माफियाओं का अपना राज कायम कर लिया गया है।
जिला प्रशासन चाहे तो समाचार की सत्यता की जांच शहरी क्षेत्रों में लगे हुए सीसीटीवी फुटेज से हकीकत मालूम कर सकती है कि दिन और रात में कैसे अवैध तरीके से बालू लदे दर्जनों ट्रेक्टर प्रतिदिन बालू माफियाओं द्वारा गिराएं जा रहें हैं।


















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