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60 घंटे बाद खत्म हुआ देल्हो महाआंदोलन, कोल परिवहन पर प्रशासन ने लगाई रोक

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मुआवजे के लिखित आश्वासन और उच्चस्तरीय बैठक तक कोयला-फ्लाईऐश वाहनों का परिचालन बंद रखने पर बनी सहमति, आधी रात वार्ता के बाद समाप्त हुआ धरना-अनशन

सिमरिया (चतरा)। सिमरिया-चतरा मुख्य मार्ग स्थित देल्हो घाटी में सड़क दुर्घटना में सीआरपीएफ जवान लक्ष्मण कुमार यादव की मौत के विरोध में पिछले करीब 60 घंटे से जारी महाआंदोलन शनिवार देर रात प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच समझौते के बाद समाप्त हो गया। प्रशासन ने मृतक जवान के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का लिखित आश्वासन दिया, वहीं उपायुक्त स्तर की बैठक में अंतिम निर्णय होने तक जिले में कोयला एवं फ्लाईऐश वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की घोषणा की।

आंदोलनकारी पहले विराजपुर के समीप धरने पर बैठे थे, लेकिन प्रशासनिक पहल नहीं होने से शनिवार सुबह 10 बजे झामुमो नेता मनोज कुमार चंद्रा दो सूत्री मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए। इसके बाद आंदोलन और तेज हो गया। शाम करीब सात बजे सांसद कालीचरण सिंह, स्थानीय विधायक कुमार उज्ज्वल दास तथा कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रदेव गोप के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सिमरिया चौक जाम करने का प्रयास किया। हालांकि प्रशासन ने नो-एंट्री प्वाइंट पर ही वाहनों को रोककर चौक जाम होने से बचा लिया।

शनिवार रात करीब 12 बजे अनुमंडल पदाधिकारी प्रदीप कुमार महतो की मौजूदगी में प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच लंबी मैराथन वार्ता हुई। वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने भारी वाहनों के कारण लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीणों ने कहा कि कोल वाहनों के कारण लोग बेमौत मर रहे हैं और अब भारी वाहनों का परिचालन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लंबी बातचीत के बाद अनुमंडल पदाधिकारी प्रदीप कुमार महतो ने स्वयं जिम्मेदारी लेते हुए आंदोलन समाप्त कराया। उन्होंने आश्वस्त किया कि जब तक उपायुक्त चतरा की अध्यक्षता में होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं हो जाता, तब तक जिले के किसी भी मार्ग पर कोयला और फ्लाईऐश वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। इसकी निगरानी की जिम्मेदारी सिमरिया अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय को सौंपी गई है।

प्रशासन ने वार्ता के दौरान मृतक जवान के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का लिखित आश्वासन भी दिया। अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय ने भरोसा दिलाया कि सोमवार तक हर हाल में मुआवजा राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।

समझौता वार्ता में सांसद कालीचरण सिंह, विधायक कुमार उज्ज्वल दास, झामुमो नेता मनोज कुमार चंद्रा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य चंद्रदेव गोप, विनोद बिहारी पासवान, कुमार श्रीनिवास, देवनंदन साहू, उपेंद्र सिंह, रमन साहू, पुलिस इंस्पेक्टर उमेश राम, सिमरिया थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं प्रबुद्ध नागरिक मौजूद थे।

समझौते के बाद आंदोलनकारियों ने धरना और आमरण अनशन समाप्त कर दिया, जिससे सामान्य यात्री वाहनों का परिचालन फिर से शुरू हो गया। हालांकि सड़क के दोनों ओर खड़े कोयला वाहनों की लंबी कतार अब भी बनी हुई है, जिन्हें पुलिस नियंत्रित ढंग से व्यवस्थित कराने में जुटी है। ग्रामीणों ने कहा कि अब उनकी निगाहें प्रशासन द्वारा किए गए वादों, विशेषकर बाईपास सड़क निर्माण और स्थायी समाधान पर टिकी हैं।

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