झामुमो नेता अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे, सांसद-विधायक समेत कई जनप्रतिनिधियों ने दिया समर्थन
सिमरिया (चतरा)। नेशनल हाईवे-522 स्थित देल्हो घाटी में चार दिनों के भीतर दो युवकों की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। उचित मुआवजा, भारी वाहनों की गति सीमा निर्धारित करने तथा नो-एंट्री व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने लगातार दूसरे दिन भी सड़क जाम जारी रखा। आंदोलन को और तेज करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय सदस्य सह सिमरिया विधानसभा प्रभारी मनोज कुमार चंद्रा अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन के समर्थन में चतरा सांसद कालीचरण सिंह, सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, जिला परिषद सदस्य चंद्रदेव गोप, मुखिया रामरतन सिंह, भाजपा नेता प्रवीण चंद्र पाठक, अशोक सिंह सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण धरना स्थल पर पहुंचे।
सांसद कालीचरण सिंह ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की जान की भरपाई मुआवजे से संभव नहीं है, लेकिन पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों के लिए समान मुआवजा नीति बनाई जाए तथा सीसीएल और ट्रांसपोर्टर इस मामले को गंभीरता से लें।
पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि भारी वाहनों के अनियंत्रित परिचालन और कोयला एवं राख (ऐश) की ढुलाई से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता बताई।
सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने कहा कि क्षेत्र की जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारी वाहनों के कारण सिमरिया विधानसभा क्षेत्र के लोग लगातार दुर्घटनाओं और प्रदूषण की समस्या झेल रहे हैं तथा इस दिशा में ठोस समाधान आवश्यक है।
तीन प्रमुख मांगों पर अड़े आंदोलनकारी, प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग
अनशन पर बैठे झामुमो नेता मनोज कुमार चंद्रा ने कहा कि यह आंदोलन सड़क सुरक्षा और आम लोगों के जीवन की रक्षा के लिए है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि दुर्घटना पीड़ित परिवारों के लिए स्पष्ट मुआवजा नीति बनाई जाए, भारी वाहनों की गति सीमा निर्धारित की जाए तथा नो-एंट्री व्यवस्था का सख्ती से पालन कराया जाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक जिला प्रशासन और संबंधित कंपनियां इन मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं करतीं, तब तक चक्का जाम और अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहेगा। सड़क जाम के कारण एनएच-522 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित है।
























Total Users : 1069370
Total views : 2868112