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देवी मंडप में शिव गुरु गोष्ठी की धूम: सैकड़ों भक्तों ने ली गुरु दीक्षा; पाठी ने समझाए शिव भक्ति के तीन अटूट सूत्र

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अतिथियों का हुआ गर्मजोशी से स्वागत, देवाधिदेव महादेव से जुड़कर जीवन आत्मसात करने के बताए गए मार्ग; उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

न्यूज़ स्केल लाइव ब्यूरो

चतरा। चतरा शहर के ऐतिहासिक व आस्था के केंद्र नगवां देवी मंडप के प्रांगण में बुधवार को शिव गुरु गोष्ठी के एक भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस धार्मिक महागोष्ठी में चतरा शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव और उत्साह के साथ शिरकत की। पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और शिव गुरु के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें सैकड़ों की संख्या में नए भाई-बहनों ने शिव को अपना गुरु मानते हुए गुरु दीक्षा ग्रहण की और सनातन भक्ति के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

शिव शिष्या राधा बहन ने कहा: “शिव से पिता-पुत्री का नाता जोड़कर सार्थक करें जीवन”

गोष्ठी को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए प्रतिष्ठित शिव शिष्या सह जिला संयोजिका राधा बहन ने शिव शिष्यता के मर्म को अत्यंत सरलता से समझाया। उन्होंने भगवान शिव के तीन पवित्र और अनिवार्य सूत्रों की विस्तार से व्याख्या करते हुए कहा:

“देवाधिदेव महादेव केवल देवताओं के देव नहीं, बल्कि इस चराचर जगत के परम गुरु हैं। जब एक शिष्य शिव से पिता और पुत्री या पिता और पुत्र का सच्चा आत्मीय नाता जोड़ लेता है, तो उसके जीवन के सारे कष्ट स्वतः समाप्त हो जाते हैं। शिव की भक्ति और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही मानव जीवन को पूरी तरह सार्थक और सफल बनाया जा सकता है।”

उन्होंने सभी उपस्थित शिव शिष्यों से प्रतिदिन नियमों का पालन करने और शिव चर्चा के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने की अपील की।

पाठी भैया अखिलेश कुमार सहित कई प्रबुद्ध गुरु भाई रहे उपस्थित

धार्मिक गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित शिव गुरु चर्चा के जिला प्रभारी सह पाठी भैया अखिलेश कुमार, पाठी संतोष कुमार, पाठी लक्ष्मण कुमार एवं पाठी राजेंद्र कुमार ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। अतिथियों ने बहुत ही बारीकी और तार्किक ढंग से समझाया कि कैसे गृहस्थ जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी भगवान शिव से वैचारिक रूप से जुड़कर आत्मिक शांति प्राप्त की जा सकती है।

इससे पूर्व, कार्यक्रम की शुरुआत में चतरा की स्थानीय शिव शिष्य समिति और आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा मुख्य मंच पर पधारे सभी पाठी भाइयों और राधा बहन का तिलक लगाकर और अंगवस्त्र भेंट कर गर्मजोशी के साथ स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

                  नगवां शिव गुरु गोष्ठी 2026: मुख्य विवरण
┌───────────────────────────────┬────────────────────────────────┐
│ मुख्य आयोजन स्थल              │ देवी मंडप प्रांगण, नगवां, चतरा शहर      │
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│ मुख्य विंग व मार्गदर्शक       │ राधा बहन (जिला संयोजिका) एवं मुख्य पाठीगण │
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│ कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण     │ सैकड़ों महिला-पुरुषों द्वारा गुरु दीक्षा ग्रहण │
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│ मुख्य प्रतिपाद्य विषय         │ भगवान शिव के तीन सूत्र और गुरु शिष्य परंपरा│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ श्रद्धालुओं की उपस्थिति        │ सैकड़ों की संख्या में स्थानीय भक्त व ग्रामीण │
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सैकड़ों भक्तों ने ग्रहण किया महाप्रसाद, भक्ति रस में डूबा रहा नगवां

शिव गुरु गोष्ठी के समापन सत्र में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच विधिवत महाप्रसाद का वितरण किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं, नगवां देवी मंडप समिति के पदाधिकारियों और वरिष्ठ शिव शिष्यों ने अत्यंत सराहनीय भूमिका निभाई। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक और वैचारिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा, सदाचार और आध्यात्मिक चेतना सुदृढ़ होती है। संध्या आरती के बाद इस भव्य एक दिवसीय आध्यात्मिक समागम का शांतिपूर्ण समापन हुआ।

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