77 वर्षीय दूरेश देवी ने लगाई गुहार, बीडीओ बोले– कराई जाएगी जांच
हंटरगंज (चतरा)। केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से गरीब और बेघर परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न आवास योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद हंटरगंज प्रखंड की डाहा पंचायत अंतर्गत ढेबो गांव की 77 वर्षीय विधवा दूरेश देवी आज भी जर्जर मिट्टी के मकान में रहने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में उनका घर कभी भी ढह सकता है, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
दूरेश देवी का कहना है कि उनके पति का निधन कई वर्ष पूर्व हो चुका है और उनकी कोई संतान भी नहीं है। वृद्धावस्था में वह मजदूरी कर किसी तरह अपना जीवनयापन कर रही हैं। आर्थिक तंगी के कारण वह अपने जर्जर मकान की मरम्मत तक नहीं करा पा रही हैं। घर की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं और छत भी काफी कमजोर हो गई है। बरसात के दौरान घर में रहना उनके लिए जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
पीड़िता ने बताया कि सरकारी आवास योजना का लाभ लेने के लिए उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई। कई बार सर्वे किया गया और मकान की तस्वीरें भी ली गईं, लेकिन अब तक उन्हें आवास स्वीकृत नहीं हो सका। उनका कहना है कि हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
ग्रामीणों ने भी चिंता जताते हुए कहा कि दूरेश देवी जिस मकान में रह रही हैं, वह किसी भी समय धराशायी हो सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कर पात्रता के आधार पर उन्हें प्राथमिकता के साथ सरकारी आवास उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले उन्हें सुरक्षित आश्रय मिल सके।
इधर, हंटरगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी निखिल गौरव कमान कच्छप ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि जांच के लिए संबंधित पंचायत सचिव को निर्देशित किया जा रहा है। यदि लाभुक पात्र पाई जाती हैं तो नियमानुसार उन्हें आवास योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि योग्य लाभुकों को आवास उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस गंभीर मानवीय मामले में कितनी शीघ्र कार्रवाई कर जरूरतमंद बुजुर्ग महिला को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराता है।





















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