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गुमला: –
“मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है”— इस मूलमंत्र को एक बार फिर चरितार्थ करते हुए सामाजिक संगठन ‘मिशन बदलाव’ की एक और बड़ी मानवीय पहल सफल हुई है। टीम ने न सिर्फ एक लावारिस और गंभीर रूप से घायल महिला की जान बचाई, बल्कि कड़े संघर्ष के बाद उसे उसके परिवार से भी मिलवा दिया।बीते 24 जून 2026 को ‘मिशन बदलाव’ की टीम को एक विक्षिप्त महिला अत्यंत दयनीय और अधजली अवस्था में मिली थी। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए मिशन बदलाव के नगर अध्यक्ष ज्योति वर्मा, विनय गोप, विनोद साहू, छोटेलाल महतो गीता देवी,जिला सचिव सय्यदा खातून और नगर सचिव ज्योति ग्लोरिया कुजूर ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत सदर अस्पताल, गुमला में भर्ती कराया।अस्पताल में इलाज शुरू कराने के साथ ही टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती महिला के परिजनों को ढूंढना था। महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण अपने घर का पता बताने में असमर्थ थी।अस्पताल में भर्ती कराने के बाद से ही मिशन बदलाव की टीम लगातार महिला के परिजनों की खोज में जुटी रही। काफी प्रयासों और कड़ी मशक्कत के बाद आज, 30 जून 2026 मंगलवार को महिला की पहचान प्रमिला देवी के रूप में हुई।टीम ने उनके पति दिनेश उरांव पिता – तेम्बा उरांव, ग्राम हुरहुरिया, शकरपुर, गम्हरिया पंचायत, डूमरडी, जिला गुमला का पता लगा लिया।परिजनों का पता चलने के बाद पति दिनेश उरांव को तत्काल सदर अस्पताल, गुमला बुलाया गया। अस्पताल परिसर में सभी आवश्यक और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद प्रमिला देवी को सम्मानपूर्वक उनके पति के सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।मिशन बदलाव की अपील और आश्वासन टीम ने प्रमिला देवी के पति दिनेश उरांव से विशेष आग्रह किया है कि वे अपनी पत्नी की पूरी जिम्मेदारी के साथ देखभाल करें, समय पर दवाइयां दें और जरूरत पड़ने पर उन्हें किसी अच्छे मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल में भी भर्ती कराकर इलाज कराएं।पति दिनेश उरांव ने भी टीम को भरोसा दिलाया है कि वे जल्द से जल्द अपनी पत्नी का उचित उपचार कराएंगे और उन्हें पूरी तरह स्वस्थ करने का हर संभव प्रयास करेंगे।मिशन बदलाव परिवार ने केवल जिम्मेदारी सौंपकर अपने कर्तव्य की इतिश्री नहीं की है। टीम ने परिवार को आश्वासन दिया है कि वे समय-समय पर उनके गाँव जाकर प्रमिला देवी की स्थिति की जानकारी लेते रहेंगे और भविष्य में भी जो भी आवश्यक सहयोग होगा, वह प्रदान करेंगे।मिशन बदलाव सदस्यों ने कहा “मिशन बदलाव का उद्देश्य केवल तात्कालिक सहायता करना ही नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंदों को उनके परिवार से जोड़कर उन्हें एक सम्मानपूर्वक जीवन वापस दिलाना भी है।”
“मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है”— इस मूलमंत्र को एक बार फिर चरितार्थ करते हुए सामाजिक संगठन ‘मिशन बदलाव’ की एक और बड़ी मानवीय पहल सफल हुई है। टीम ने न सिर्फ एक लावारिस और गंभीर रूप से घायल महिला की जान बचाई, बल्कि कड़े संघर्ष के बाद उसे उसके परिवार से भी मिलवा दिया।बीते 24 जून 2026 को ‘मिशन बदलाव’ की टीम को एक विक्षिप्त महिला अत्यंत दयनीय और अधजली अवस्था में मिली थी। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए मिशन बदलाव के नगर अध्यक्ष ज्योति वर्मा, विनय गोप, विनोद साहू, छोटेलाल महतो गीता देवी,जिला सचिव सय्यदा खातून और नगर सचिव ज्योति ग्लोरिया कुजूर ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत सदर अस्पताल, गुमला में भर्ती कराया।अस्पताल में इलाज शुरू कराने के साथ ही टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती महिला के परिजनों को ढूंढना था। महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण अपने घर का पता बताने में असमर्थ थी।अस्पताल में भर्ती कराने के बाद से ही मिशन बदलाव की टीम लगातार महिला के परिजनों की खोज में जुटी रही। काफी प्रयासों और कड़ी मशक्कत के बाद आज, 30 जून 2026 मंगलवार को महिला की पहचान प्रमिला देवी के रूप में हुई।टीम ने उनके पति दिनेश उरांव पिता – तेम्बा उरांव, ग्राम हुरहुरिया, शकरपुर, गम्हरिया पंचायत, डूमरडी, जिला गुमला का पता लगा लिया।परिजनों का पता चलने के बाद पति दिनेश उरांव को तत्काल सदर अस्पताल, गुमला बुलाया गया। अस्पताल परिसर में सभी आवश्यक और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद प्रमिला देवी को सम्मानपूर्वक उनके पति के सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।मिशन बदलाव की अपील और आश्वासन टीम ने प्रमिला देवी के पति दिनेश उरांव से विशेष आग्रह किया है कि वे अपनी पत्नी की पूरी जिम्मेदारी के साथ देखभाल करें, समय पर दवाइयां दें और जरूरत पड़ने पर उन्हें किसी अच्छे मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल में भी भर्ती कराकर इलाज कराएं।पति दिनेश उरांव ने भी टीम को भरोसा दिलाया है कि वे जल्द से जल्द अपनी पत्नी का उचित उपचार कराएंगे और उन्हें पूरी तरह स्वस्थ करने का हर संभव प्रयास करेंगे।मिशन बदलाव परिवार ने केवल जिम्मेदारी सौंपकर अपने कर्तव्य की इतिश्री नहीं की है। टीम ने परिवार को आश्वासन दिया है कि वे समय-समय पर उनके गाँव जाकर प्रमिला देवी की स्थिति की जानकारी लेते रहेंगे और भविष्य में भी जो भी आवश्यक सहयोग होगा, वह प्रदान करेंगे।मिशन बदलाव सदस्यों ने कहा “मिशन बदलाव का उद्देश्य केवल तात्कालिक सहायता करना ही नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंदों को उनके परिवार से जोड़कर उन्हें एक सम्मानपूर्वक जीवन वापस दिलाना भी है।”













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