गांव के पास मवेशी चराने गई थी मां-बेटी, अचानक मौसम बदलने से हुआ हादसा; सीएचसी में डॉक्टरों ने बच्ची को घोषित किया मृत
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
लोहरदगा। लोहरदगा जिले के कैरो थाना क्षेत्र अंतर्गत सढाबे पंचायत के डुमरटोली गांव में रविवार को प्रकृति का क्रूर और कहर बरपाता रूप देखने को मिला। यहाँ हुए भीषण वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आने से एक मासूम बच्ची समेत एक बैल और तीन बकरियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक और आकस्मिक घटना ने एक हंसते-खेलते गरीब ग्रामीण परिवार की खुशियां पल भर में छीन ली हैं। घटना के बाद से ही समूचे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है।
मवेशी चराने के दौरान अचानक बदला मौसम, मां के सामने बच्ची पर गिरी बिजली
प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, डुमरटोली गांव निवासी बनारसिया कुजूर (पति विजय उरांव) रविवार को अपनी मासूम पुत्री के साथ गांव के समीप ही मवेशी चराने के लिए गई हुई थी। इसी दौरान दोपहर में अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई।
इससे पहले कि मां-बेटी खुद को सुरक्षित करने के लिए किसी सुरक्षित स्थान की ओर कदम बढ़ा पातीं, इसी बीच भीषण कड़कड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली सीधे उसी पेड़ और स्थान पर आ गिरी, जहाँ मां-बेटी अपने मवेशियों के साथ खड़ी थीं।
अस्पताल पहुंचने से पहले थमी सांसें, मवेशियों की भी मौके पर झुलसकर मौत
वज्रपात की इस भयावह घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने तत्परता दिखाई। ग्रामीणों की मदद से अचेत और झुलसी हुई मासूम बच्ची को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी कुडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों की टीम ने प्राथमिक जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। इसके पश्चात पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद विधिक प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय स्थित लोहरदगा सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
इस दैवीय आपदा में मासूम बच्ची के साथ-साथ पीड़ित परिवार के भरण-पोषण का मुख्य जरिया बने एक बैल और तीन बकरियों की भी वज्रपात की चपेट में आने से मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई।
डुमरटोली वज्रपात हादसा: एक नजर में
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│ मुख्य घटनास्थल │ डुमरटोली गांव (सढाबे पंचायत), कैरो, लोहरदगा│
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│ मानवीय क्षति │ एक मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत │
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│ पशुधन की क्षति │ 01 बैल और 03 बकरियों की मौके पर मौत │
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│ पीड़ित माता-पिता │ बनारसिया कुजूर एवं विजय उरांव │
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│ प्राथमिक चिकित्सा केंद्र │ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), कुडू │
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पीड़ित परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने रोते हुए बताया कि विजय उरांव का यह पीड़ित परिवार अत्यंत गरीब है। परिवार के लोग कड़ी मेहनत-मजदूरी करने के साथ-साथ पशुपालन कर किसी तरह अपने परिवार का गुजर-बसर करते थे। वज्रपात की इस दोहरी मार (इकलौती बच्ची और मवेशियों की मौत) से पीड़ित माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
इधर, घटना के बाद से पूरे डुमरटोली गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन विभाग से पीड़ित गरीब परिवार को अविलंब चिन्हित कर उचित सरकारी मुआवजा और आपदा राहत राशि देने की पुरजोर मांग की है।
























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