कमाने गए पिता की कोई खबर न मिलने से पुत्र का रो-रोकर बुरा हाल; गांव के ही जीतन भारती पर लगा खर्चे पर ले जाने और पार्टी के बाद गायब होने का आरोप; पीड़ित परिवार ने जारी किए मोबाइल नंबर
न्यूज स्केल लाइव
हंटरगंज (चतरा): रोजगार के अभाव में झारखंड के सुदूर ग्रामीण इलाकों से सुदूर राज्यों में पलायन करने वाले मजदूरों की सुरक्षा और उनके परिवारों की बेबसी की एक बेहद मर्मस्पर्शी और चिंताजनक खबर सामने आई है। चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत पाण्डेयपुरा पंचायत के बलनिया गांव से अपने लाचार परिवार के भरण-पोषण और दो वक्त की रोटी की खातिर आंध्र प्रदेश मजदूरी करने गए एक 48 वर्षीय व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में पूरी तरह लापता हो गए हैं।
लापता मजदूर का नाम सूफारी चौधरी (पिता: जनार्दन चौधरी) है। सुदूर दक्षिण राज्य आंध्र प्रदेश पहुंचने के तुरंत बाद उनके अचानक गायब हो जाने और साथ ले जाने वाले साथी द्वारा गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिए जाने के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है।
जीतने भारती अपने खर्चे पर ले गया था बाहर, आंध्र प्रदेश पहुंचकर की थी पार्टी
लापता सूफारी चौधरी के व्यथित पुत्र मायालाल कुमार ने पूरी घटना और विधिक घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि गांव के ही जीतन भारती नामक व्यक्ति के द्वारा उनके पिता को काम दिलाने का भरोसा दिया गया था। जीतन भारती ने अपने ही निजी खर्चे से उनके पिता का टिकट कराया और बाहर ले जाने की मुकम्मल व्यवस्था की।
पलायन करने से ठीक पहले बीते 5 जून 2026 की रात को बाहर जाने वाले सभी मजदूरों और ग्रामीणों ने गांव में ही आपस में मिलकर एक बड़ी विदाई दावत (पार्टी) की थी। इसके अगले दिन यानी 6 जून को सभी लोग ट्रेन पकड़कर आंध्र प्रदेश के लिए रवाना हो गए। पुत्र मायालाल के अनुसार, आगामी 10 जून 2026 को आंध्र प्रदेश पहुंचने के बाद भी वहां सभी मजदूरों ने एक साथ मिलकर दोबारा पार्टी की थी।
“तुम्हारे पिता यहां से निकल गए हैं…”— ठेकेदार के जवाब से पुत्र के पैरों तले खिसकी जमीन
पीड़ित पुत्र मायालाल ने बताया कि 10 जून के बाद जब उसने अपने पिता की कुशलता और खैरियत जानने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क साधने का प्रयास किया, तो उनका फोन बंद आने लगा। इसके बाद जब उसने पिता को साथ ले जाने वाले मुख्य एजेंट जीतन भारती के मोबाइल पर कॉल किया, तो जीतन के जवाब ने उसके पैरों तले की जमीन ही खिसका दी।
जीतन भारती ने बेहद कड़े और गैर-जिम्मेदाराना लहजे में अपनी विधिक जिम्मेदारियों से सरेआम पल्ला झाड़ते हुए कह दिया— “यहां पहुंचने के तुरंत बाद तुम्हारे पिता बिना बताए कहीं निकल गए हैं और मेरे पास अब उनकी कोई जानकारी या अता-पत्ता नहीं है।” इस कड़े और संदेहास्पद जवाब के बाद से पीड़ित पुत्र और पूरा परिवार किसी अनहोनी की आशंका से बुरी तरह सहमा हुआ है और लगातार रो-रोकर पिता की तलाश में भटक रहा है।
लापता सूफारी चौधरी का हुलिया और पहचान चिन्ह, आम जनता से मदद की गुहार
लाचार और बेहद गरीब महादलित परिवार ने चतरा जिला प्रशासन, हंटरगंज पुलिस और आम जनता से अपने मुखिया को ढूंढने के लिए विधिक व मानवीय गुहार लगाई है। पुत्र मायालाल ने अपने पिता का हुलिया (पहचान) इस प्रकार जारी किया है:
नाम: सूफारी चौधरी (उम्र लगभग 48 वर्ष)
लम्बाई: 5 फुट 5 इंच
शारीरिक बनावट: दुबला-पतला शरीर और बाल पूरी तरह काले हैं।
मुख्य विधिक निशान: लापता सूफारी चौधरी के मुंह के आगे का एक दांत टूटा हुआ है।
कोई भी जानकारी मिलने पर इन नंबरों पर तुरंत करें संपर्क
पीड़ित परिवार ने देश और राज्य के प्रबुद्ध नागरिकों, सोशल मीडिया यूजरों और पुलिस प्रशासन से अपील की है कि इस हुलिए से संबंधित कोई भी व्यक्ति यदि किसी रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या फैक्ट्री के पास अकेला या अस्वस्थ अवस्था में दिखाई दे, तो तत्काल परिवार के इन विधिक मोबाइल नंबरों पर सूचित करने की कृपा करें: 6299935364, 7764884720, 8809806362
परिजनों ने कहा है कि सूचना देने वाले का पूरा नाम गुप्त रखा जाएगा और वे उसके ताउम्र आभारी रहेंगे। समाचार लिखे जाने तक पीड़ित परिवार मामले की लिखित शिकायत हंटरगंज थाने में दर्ज कराने की विधिक तैयारी कर रहा था, ताकि आंध्र प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय बनाकर तकनीकी सेल (मोबाइल लोकेशन) के माध्यम से सूफारी चौधरी की खोजबीन तेज की जा सके।





















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