स्टेट कंसल्टेंट साग्या सिंह और नीलम सिंह ने वेक्टर बोर्न डिजीज कार्यों को सराहा; किया फील्ड विजिट; बहुउद्देशीय कार्यकर्ताओं को ‘टास्क-2’ क्वालीफाई करने का दिया मंत्र
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तोरपा (खूंटी): खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड अंतर्गत स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और मौसमी बीमारियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की राज्य स्तरीय टीम ने एक बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय राज्य टीम ने तोरपा रेफरल हॉस्पिटल में औचक निरीक्षण किया। यह औचक निरीक्षण विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित ‘वेक्टर बोर्न डिजीज’ (VBD – मच्छर व कीट जनित रोग) नियंत्रण कार्यक्रम के जमीनी क्रियान्वयन को जांचने के लिए किया गया था।
निरीक्षण के दौरान राज्य की टीम ने न केवल अस्पताल के दस्तावेजों को खंगाला, बल्कि सीधे सुदूर ग्रामीण इलाकों के घरों में पहुंचकर चल रहे कीटनाशी दवाओं के छिड़काव का भौतिक सत्यापन भी किया।
शांति नगर और बांस टोली में जमीनी जांच, ग्रामीणों को दिए बचाव के टिप्स
सघन निरीक्षण के पहले चरण में राज्य स्तरीय टीम सीधे तोरपा खास के शांति नगर और बांस टोली मोहल्ले में पहुंची। यहाँ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए किए जा रहे विशेष कीटनाशी छिड़काव (आईआरएस) कार्य का बहुत ही बारीकी से जायजा लिया गया।
इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न घरों के भीतर और आस-पास जाकर पानी के जमाव व स्वच्छता की स्थिति को देखा। टीम के सदस्यों ने स्थानीय ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उन्हें भीषण गर्मी और आगामी मानसून के दौरान होने वाले डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसे खतरनाक मच्छर जनित रोगों से पूरी तरह बचने के व्यावहारिक उपाय व सावधानियां बतलाईं।
लैब के मलेरिया रजिस्टर की हुई स्क्रूटनी, पॉजिटिव मरीजों से फोन पर की बात
फील्ड विजिट पूरा करने के बाद राज्य की टीम सीधे रेफरल हॉस्पिटल तोरपा के मुख्य पैथोलॉजी लैब (प्रयोगशाला) में दाखिल हुई। वहाँ टीम ने राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संधारित किए जा रहे मलेरिया जांच रजिस्टर की गहन स्क्रूटनी (जांच) की।
तकनीकी पारदर्शिता को परखने के लिए अधिकारियों ने रजिस्टर में दर्ज उन मलेरिया पॉजिटिव मरीजों के मोबाइलों पर ऑन-स्पॉट सीधे टेलीफोनिक वार्तालाप (फोन पर बातचीत) की, जिनका इलाज तोरपा में हुआ था। टीम ने मरीजों से उनकी वर्तमान सेहत, अस्पताल में हुई मुफ्त खून जांच, दावों की सत्यता और सरकारी दवाओं की समय पर उपलब्धता के संबंध में सीधा फीडबैक लिया, जो पूरी तरह संतोषजनक पाया गया। इसके अलावा अस्पताल के वीबीडी दवा व किट स्टॉक रजिस्टर की भी भौतिक जांच की गई।
कंसल्टेंट साग्या सिंह और नीलम सिंह ने थपथपाई तोरपा टीम की पीठ, दिया नया लक्ष्य
तोरपा में कार्यों की उच्च गुणवत्ता को देखकर राज्य से आईं मुख्य कंसल्टेंट साग्या सिंह और नीलम सिंह ने तोरपा प्रखंड में चल रहे वेक्टर बॉर्न डिजीज नियंत्रण के कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने तोरपा में पदस्थापित सभी बहुउद्देशीय कार्यकर्ताओं (पुरुष एमपीडब्ल्यू) की टीम की कार्यशैली और मुस्तैदी की तारीफ करते हुए पूरी टीम को विशेष रूप से बधाई दी।
स्टेट कंसल्टेंट ने तोरपा टीम का उत्साहवर्धन करते हुए कड़ा निर्देश दिया कि वे भविष्य में भी इसी प्रकार मजबूत टीम वर्क (सामूहिक प्रयास) का परिचय दें और विभाग द्वारा निर्धारित किए गए ‘टास्क-2’ (Task-2) को पूरी तरह से क्वालीफाई करने की दिशा में अपनी ताकत झोंक दें। इसके उपरांत राज्य स्तरीय टीम ने रेफरल हॉस्पिटल तोरपा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) से भी शिष्टाचार मुलाकात की और प्रखंड की पूरी स्वास्थ्य रिपोर्ट पर संतोष व्यक्त किया।
फील्ड विजिट और निरीक्षण में ये अधिकारी व कर्मी रहे शामिल
खूंटी जिला मुख्यालय और राज्य स्तर से आयोजित इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियान के दौरान जिले की वीबीडी कंसल्टेंट अनुप्रिया होरो, रेफरल हॉस्पिटल तोरपा के अंतर्गत सुदूर क्षेत्रों में पदस्थापित सभी समर्पित बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इनमें पवन कुमार, वीरेंद्र महली, कुणाल कुमार, अरुण कुमार, शिवनारायण महतो, स्थानीय सहिया पार्वती देवी एवं एमटीएस (MTS) स्वप्निल टोपनो पूरी सक्रियता के साथ राज्य की टीम के साथ क्षेत्र भ्रमण, डेटा संधारण और पूरी जांच प्रक्रिया में शामिल रहे।





















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