दोपहर 12 बजे ही वीरान हो जा रही हैं सड़कें; फुटपाथ दुकानदारों और मजदूरों की थमी रोजी-रोटी, अस्पतालों में उमड़ रही मौसमी बीमारी और लू के मरीजों की भीड़
इटखोरी (चतरा) | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले के इटखोरी प्रखंड सहित पूरे इलाके में इन दिनों मौसम का मिजाज बेहद तल्ख और जानलेवा बना हुआ है। क्षेत्र में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) के थपेड़ों से आम जनजीवन पूरी तरह से त्रस्त और अस्त-व्यस्त हो गया है। आसमान से बरसती आग के बीच कोढ़ में खाज का काम बिजली विभाग की संवेदनहीनता कर रही है। एक तरफ जहाँ लोग चिलचिलाती धूप से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ घरों में बिजली के लगातार लो-वोल्टेज और घंटों होने वाली आंख-मिचौली ने स्थानीय नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है।
पूरे चतरा जिले में इन दिनों अधिकतम तापमान (पारा) 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जा रहा है, जिससे सुबह होते ही सूरज के तेवर तीखे हो जाते हैं।
दोपहर 12 बजे ही सड़कों पर पसरा सन्नाटा; सवारी गाड़ियों को नहीं मिल रहे पैसेंजर
सूरज की इस आग उगलती गर्मी और तीखी धूप का असर इटखोरी के बाजारों और परिवहन व्यवस्था पर साफ देखा जा सकता है। दोपहर के 12 बजते-बजते ही क्षेत्र की मुख्य सड़कें और बाजार पूरी तरह से वीरान और सुनसान हो जा रहे हैं, मानो अघोषित कर्फ्यू लग गया हो। लोग बहुत जरूरी काम होने पर ही पूरी तरह से चेहरा ढककर घरों से बाहर निकल रहे हैं।
धूप के इस रौद्र रूप के कारण सड़कों पर चलने वाली सवारी गाड़ियों (यात्री वाहनों) के चालकों को पैसेंजर तक नसीब नहीं हो पा रहे हैं, जिससे परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न होने लगी है।
सब्जी विक्रेताओं, ठेला-खोमचे वालों और दैनिक मजदूरों की आजीविका पर संकट
इस झुलसा देने वाली गर्मी की सबसे भीषण मार समाज के सबसे गरीब और रोज कमाकर रोज खाने वाले वर्ग पर पड़ी है। इटखोरी बाजार और चौक-चौराहों पर फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले:
छोटे व्यवसाई: धूप के कारण दोपहर में फुटपाथ पर खड़े रहना असंभव हो गया है, जिससे सब्जी बेचने वालों, ठेला-खोमचे और रेहड़ी पटरी चलाने वालों का धंधा पूरी तरह मंदा हो गया है।
मजदूर वर्ग: भीषण तपिश के कारण निर्माण कार्यों और खेतों में काम पूरी तरह ठप है, जिसकी वजह से दैनिक मजदूरों को काम मिलना बंद हो गया है। उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
घरों में लो-वोल्टेज का टॉर्चर; अस्पतालों में बढ़ी लू और बीमारों की संख्या
बिजली विभाग की लचर व्यवस्था के कारण लोगों को घरों के अंदर भी राहत नहीं मिल पा रही है। दिन हो या रात, बिजली का वोल्टेज इतना लो रहता है कि पंखे और कूलर सिर्फ हाथी के दांत साबित हो रहे हैं। लगातार हो रही ट्रिपिंग और आंख-मिचौली ने लोगों की रातों की नींद छीन ली है।
इस दोहरी आफत का सीधा असर आम जनता के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इटखोरी और चतरा के सरकारी अस्पतालों व निजी क्लीनिकों में इन दिनों मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार, अस्पतालों के ओपीडी (OPD) में सबसे अधिक मरीज तीव्र बुखार, सर्दी-खांसी, बदन दर्द, लू (Heat Stroke) और लूज मोशन (उल्टी-दस्त) की गंभीर शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने आम जनता को धूप में खाली पेट न निकलने, अत्यधिक पानी पीने और ताजे फलों का सेवन करने की सख्त सलाह दी है।



















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