जिला प्रभारी ने समझाया शिव और शिष्य का संबंध; महिला संयोजिका राधा बहन ने कहा- कांटों से निकलकर शिव के सूत्रों को अपनाएं, विश्व कल्याण की प्रार्थना
चतरा | न्यूज स्केल लाइव
चतरा शहर के बाईपास मार्ग स्थित दुबे लॉज परिसर में शिव गुरु शिष्य राधा बहन एवं अंजनी सोनी के प्रांगण में एक दिवसीय भव्य शिवगुरु चर्चा का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक और पावन शिव गुरु चर्चा के आयोजन में चतरा शहर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुष शिव भक्त शामिल हुए। पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और शिव भजनों के जयघोष से दिनभर गुंजायमान रहा।
इस आध्यात्मिक समागम में मुख्य रूप से जिला प्रभारी भैया-सह-पाठी भैया अखिलेश कुमार, पाठी भैया संतोष कुमार, पाठी लक्ष्मण कुमार, पाठी राजेंद्र कुमार और शिव शिष्या जिला संयोजिका राधा बहन उपस्थित रहीं।
“शिव आदि हैं न अंत हैं, उनके दिए तीन सूत्रों का करें पालन” : अखिलेश कुमार
शिवचर्चा के दौरान उपस्थित मुख्य वक्ता सह जिला प्रभारी पाठी अखिलेश कुमार ने भगवान शिव के गुरु स्वरूप और शिष्य के पवित्र संबंध के बारे में श्रद्धालुओं को बहुत ही बारीकी से समझाया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा: “भारत वर्ष के महान सनातन अध्यात्म में भगवान शिव आदि हैं और न ही उनका कोई अंत है। वे सर्वव्यापी और शाश्वत हैं, अतः आप सभी शिव के शरण में आइए। अपने मानव जीवन में शिव स्वरूप को हृदय के अंदर उतारिए और उनके द्वारा दिए हुए तीन परम सूत्रों का पूरी निष्ठा से पालन कीजिए। इन तीन सूत्रों का मतलब— दया मांगना, शिव चर्चा करना और नमः शिवाय का निरंतर जाप करना है। शिव गुरु से अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए पूरे विश्व के कल्याण के लिए प्रार्थना करते रहें। जब आप ऐसा करेंगे, तब स्वयं अनुभव करेंगे कि आपके जीवन में एक अलौकिक और नई सकारात्मक शक्ति का संचार होने लगा है।”
“रास्ते में कांटे मिलेंगे, लेकिन शिव की सत्यता पावन है” : महिला संयोजिका राधा बहन
वहीं, चतरा जिला की महिला संयोजिका राधा बहन ने शिव शिष्याओं और भक्तों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिव की सत्यता पूरी तरह पावन (पवित्र) है और यह हमेशा पावन ही रहेगी। उन्होंने कहा:
“शिव की निकटता पाने के भक्ति मार्ग में हमें रास्ते में जितनी भी सांसारिक गंदगी मिलेगी या कांटे मिलेंगे, हमें विचलित हुए बिना उनसे पार निकलना है और उनके तीनों सूत्रों को अपने दैनिक जीवन में व्यावहारिक रूप से उतारना है।”
कार्यशाला सह चर्चा के दौरान मंच से कई अन्य वक्ताओं ने भी शिव और शिष्य के अटूट संबंधों पर बारीकी से प्रकाश डाला और भजन प्रस्तुत किए, जिसपर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे।
इस भव्य शिवगुरु चर्चा के पावन अवसर पर मुख्य रूप से उर्मिला देवी, अनुराधा देवी, मंजू देवी, मालती देवी, मंजू पटेल, लीला देवी, गीता देवी, रविंद्र सिंह समेत चतरा जिले के सैकड़ों की संख्या में सम्मानित शिव गुरु भक्त और श्रद्धालु उपस्थित रहे।




















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