कांग्रेस जिलाध्यक्ष के बयान को रौशन सिंह ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण; कहा— सत्ता में बैठकर ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल खेल रहे लोग, सांसद-विधायक पर टिप्पणी करने से पहले गिरेबान में झांकें
हंटरगंज (चतरा) | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले में राजनीतिक बयानबाजी और जुबानी जंग को लेकर एक बार फिर सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी एवं मुखर युवा नेता रौशन कुमार सिंह ने चतरा कांग्रेस जिलाध्यक्ष के हालिया बयान पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रौशन सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व के तेवरों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे राजनीति के गिरते स्तर का एक जीवंत उदाहरण करार दिया है।
“मृत व्यक्ति के नाम पर राजनीति चमकाना बंद करें”
युवा नेता रौशन कुमार सिंह ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि किसी मृत व्यक्ति के मामले या संवेदनशील पारिवारिक हादसों को राजनीतिक मंच बनाकर अपनी खोई हुई जमीन तलाशना जनता की भावनाओं के साथ क्रूर खिलवाड़ करने जैसा है। “लोकतंत्र में विचारों, नीतियों और विकास के मुद्दों पर लड़ाई होनी चाहिए, लेकिन दुखों और संवेदनशील घटनाओं को सियासी मुद्दा बनाना समाज और चतरा की जनता के प्रति पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना रवैया दर्शाता है।” — रौशन कुमार सिंह
“खुद सत्ता के साझीदार, फिर सवाल किससे?”
कांग्रेस को आईना दिखाते हुए रौशन सिंह ने कहा कि झारखंड की मौजूदा सरकार में कांग्रेस स्वयं सत्ता का एक मजबूत हिस्सा है। ऐसे में विकास कार्यों पर सवाल उठाने से पहले उन्हें अपनी और अपनी सरकार की जवाबदेही तय करनी चाहिए। जनता ने सरकार को केवल खोखले भाषण और बयानबाजी के लिए नहीं चुना था, बल्कि विकास, युवाओं को रोजगार, बेहतर शिक्षा, मुकम्मल स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को धरातल पर उतारने के लिए एक बड़ा जनादेश दिया था।
सांसद-विधायक पर टिप्पणी से पहले देखें अपनी स्वीकार्यता
उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग वर्षों से सत्ता का मलाईदार हिस्सा रहकर भी जनता के प्रति अपनी जवाबदेही तय नहीं कर पाए, वे आज चतरा के लोकप्रिय सांसद और क्षेत्रीय विधायक पर उंगली उठाने का दुस्साहस कर रहे हैं। सांसद और विधायक पर कोई भी अमर्यादित टिप्पणी करने से पहले नेताओं को यह देख लेना चाहिए कि चतरा की जनता के बीच उनकी खुद की स्वीकार्यता और उनके पिछले कार्यों की जमीनी स्थिति क्या है। चतरा की समझदार जनता सब कुछ बारीक नजरों से देख रही है और वक्त आने पर वह ईवीएम (EVM) के जरिए इसका करारा जवाब भी देती है।
“केवल ट्रांसफर-पोस्टिंग और लूट-खसोट की चल रही राजनीति”
रौशन कुमार सिंह ने आगे कहा कि आज झारखंड और विशेषकर चतरा की जनता विकास के नाम पर चुनाव में किए गए बड़े-बड़े वादों का पाई-पाई का हिसाब मांग रही है। युवाओं को रोजगार कब मिलेगा, क्षेत्रीय प्रशासनिक और बुनियादी समस्याओं का समाधान कब होगा— यह आज सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न बना हुआ है। “राजनीति केवल सेवा का माध्यम होनी चाहिए, न कि संवेदनशील मुद्दों को भुनाने का मंच। वर्तमान में केवल लूट-खसोट और अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग की राजनीति चल रही है। इससे कुछ सिंडिकेट नेताओं और उनकी पार्टियों का निजी भला तो हो सकता है, लेकिन चतरा की आम जनता का नहीं। इसलिए नेताओं को जनता के विश्वास का सम्मान करते हुए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनहित में कार्य करना चाहिए।”





















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