गिद्धौर (चतरा)। गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली ऐतिहासिक बलबल नदी इन दिनों अवैध बालू कारोबारियों के लिए सफेद सोना उगलने वाली खान बन गई है। सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टरों के जरिए नदी का सीना चीरकर बालू निकाला जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि यह पूरा खेल दिन-दहाड़े और खुलेआम चल रहा है, लेकिन प्रशासन मौन साधे बैठा है। स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि बालू लदे ओवरलोड ट्रैक्टर गिद्धौर और कटकमसांडी थाना के ठीक सामने से फर्राटे भरते हुए गुजरते हैं। इसके बावजूद पुलिस द्वारा न तो इन्हें रोका जाता है और न ही कोई कार्रवाई की जाती है। ग्रामीणों ने इस मिलीभगत की आशंका जताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पर्यावरण और सड़कों को भारी नुकसान अवैध खनन के कारण नदी का स्वरूप बिगड़ता जा रहा है, जिससे जलस्तर में गिरावट और खेतों के कटाव का खतरा बढ़ गया है। वहीं, गांव की संकीर्ण सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ते ओवरलोड ट्रैक्टरों के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। माफियाओं के इस बेखौफ अंदाज से आम जनता में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चतरा पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस काले कारोबार पर लगाम नहीं लगाई गई, तो ऐतिहासिक बलबल नदी का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। बलबल नदी के विभिन्न घाटों से दिन-रात हो रहा उठाव। गिद्धौर और कटकमसांडी थाना क्षेत्र की सीमाएं। गिरता जलस्तर, सड़कों की बर्बादी और बढ़ती दुर्घटनाएं।
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