प्रतापपुर (चतरा)। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और विद्यालय से जुड़ी समस्याओं के समाधान खोजने के उद्देश्य से शुक्रवार को राज्य स्तरीय दो सदस्यीय टीम ने प्रतापपुर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय नावाडीह और उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोमे का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति, भवन की स्थिति, मध्याह्न भोजन, शैक्षणिक सुविधाओं और अन्य आवश्यक पहलुओं का विस्तार से अवलोकन किया गया। टीम में डॉक्टर प्रवीण कुमार झा (रिसर्च ऑफिसर) और चंदन कुमार सिंह (एसीपी सहायक कंप्यूटर प्रभारी) शामिल थे। साथ में सीआरपी सुरेंद्र कुमार भी मौजूद रहे और निरीक्षण कार्य में सहयोग प्रदान किया। टीम ने विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को सुना, समझा और आवश्यक सुझाव दिए। उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोमे के प्रभारी प्रधानाध्यापक अवध ठाकुर और अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने टीम को बताया कि विद्यालय में कुल 291 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें पहला और दूसरा एक कक्षा में, तीसरा और चौथा दूसरी कक्षा में तथा छठा, सातवां और आठवां तीसरी कक्षा में संचालित होते हैं, जबकि पांचवीं कक्षा के छात्र बरामदे में बैठकर पढ़ाई करते हैं। बच्चों की उपस्थिति लगभग 75 प्रतिशत रहती है, लेकिन कक्षाओं की कमी के कारण बैठने में परेशानी हो रही है। उन्होंने नए भवन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बेहतर वातावरण मिलने से बच्चों की शिक्षा और विकास में मदद मिलेगी। डॉ. प्रवीण कुमार झा और चंदन कुमार सिंह ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और इसे उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। निरीक्षण के बाद अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन में उत्साह देखा गया।
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लोहरदगा मंडल कारा में “मुलाकात कानूनी सहायता केंद्र” का शुभारंभनालसा नई दिल्ली और झालसा रांची के निर्देशानुसार व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा श्री राजकमल मिश्रा के मार्गदर्शन में मंडल कारा, लोहरदगा परिसर में 12 मई 2026 को मंडल कारा के बंदियों के परिजनों को कानूनी सहायता, सुगम मुलाकात तथा उनकी समस्याओं का समाधान करने के उद्देश्य से *”मुलाकात कानूनी सहायता केंद्र”* की शुरुआत की गई। इस दौरान डालसा सचिव श्री मनोरंजन कुमार, प्रभारी जेलर मो सोनू एलएडीसीएस चीफ श्री नसीम अंसारी सहित जेल के पुलिस बल व पीएलवी उपस्थित थे। डालसा सचिव ने बताया कि इस सहायता केंद्र का उद्देश्य बंदियों के परिजनों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, बंदियों से सुगम मुलाकात सुनिश्चित कराना, उनके समस्याओं का समाधान करना और न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। वहीं डालसा सचिव ने बताया कि इस केंद्र में पीएलवी की भी नियुक्ति की गई है। जो मंडल कारा, लोहरदगा के बंदियों से मुलाकात करने पहुंचे उनके परिजन या परिचित को कानूनी जानकारी और सहायता प्रदान करेंगे। साथ ही बंदी से मुलाकात करने आए लोगों से उनका विवरण तालिका में अंकित करेंगे। जिसमें मुलाकात करने आने वाले का नाम, पता, किससे मुलाकात करनी है, मामले का विवरण, पुलिस स्टेशन, न्यायालय जहां मामला लंबित है. मामले का चरण, सुनवाई की अगली तारीख, कानूनी सहायता अंतर्गत वकील की जानकारी सहित अन्य जानकारी तालिका में अंकित करेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र के संचालन के लिए आवश्यक स्थान और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर और मुलाकात स्थल का निरीक्षण कर स्वच्छता, पेयजल और बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही मंडल कारा के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुलाकात व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि परिजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।

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