न्यूज स्केल संवाददाता
चतरा। जिला मुख्यालय के अलावे विभिन्न प्रखंडों में दीपावली पर जुआ खेलने कि कुरीति को लेकर इस वर्ष भी जमकर जुआ का दौर चला। जुए में कुछ मालामाल तो अधिकतर कंगाल हुए। जुआ खेलने की यह कुप्रथा धीर-धीरे परंपरा का रूप धारण कर चुकी है। यही वजह है कि शहर से लेकर गांव तक दीपावली के एक सप्ताह पूर्व से हीं 52 पत्तों से अपनी किस्मत आजमाने को लेकर हर वैसा व्यक्ति जो इसका आदि हो चुका है लगा रहता है। दीपावली के दिन तो अधिकतर लोग इसमें अपनी किस्मत आजमाते देखे गए। इसमें पेशेवर जुवारी तो शमिल हुए हीं, आम दिनों में ताश के पत्तों से परहेज रखने वाले लोग भी अपनी-अपनी किस्मत आजमाए। सूत्रों की मानें तो जिला मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंडों में इस वर्ष दीपावली पर करोड़ों का दाव लगाया गया। इस खेल में विशेष कर युवा वर्ग डबल के चक्कर में बरबाद हुए। स्थानीय लोग बतातें हैं कि जुआ का यह खेल क्षेत्र में छठ पर्व के नवमी तक खेला जाता है। कई जुआरियों ने तो अपने घर का सामान, जेवर ओने पोने दामों में बेच दिया। पुलिस के गस्ती के बावजुद लोग 52 पत्तों में अपना भाग्य आजमाते दिखे। जुआ खेलने को लेकर कई स्थानों पर पैसे छिनने व मामुली झड़प कि भी घटनाएं घटी।
जुआ के खेल में कोई हुआ मालामाल, तो कोई कंगाल

By Munna
On: November 1, 2024 9:29 PM

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