सीडी बालिका मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में दूसरे दिन और उग्र हुआ आंदोलन; निलंबन वापसी समेत तीन मांगें, डीईओ का वाहन घेरा
कोडरमा: झुमरी तिलैया के सीडी बालिका मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक शशिभूषण सिंह के निलंबन के विरोध में छात्राओं का आंदोलन गुरुवार को और उग्र हो गया। विद्यालय परिसर से शुरू हुआ प्रदर्शन शहर के प्रमुख झंडा चौक तक पहुंचा, जहां छात्राएं शाम सात बजे तक सड़क पर डटी रहीं। अनुमंडल प्रशासन के आश्वासन के बाद उन्होंने जाम हटाया। 6 नवंबर सुबह 11 बजे प्रखंड मुख्यालय में वार्ता होनी है।
पहली घटना: निलंबन आदेश के बाद रोका
रिपोर्टों के अनुसार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से 2 नवंबर को जारी आदेश में शशिभूषण सिंह को निलंबित किया गया। आदेश का कारण विभागीय निर्देशों का पालन न करना बताया गया है। बुधवार को आदेश मिलने के बाद जब वे विद्यालय से निकल रहे थे, छात्राओं ने उन्हें जाने से रोक दिया। इस दौरान कुछ देर भगदड़ जैसी स्थिति बनी। कई छात्राएं भावुक होकर रोने लगीं। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उन्हें समझाने पहुंचे, पर छात्राएं शुरू में धरना खत्म करने को तैयार नहीं थीं। छात्राओं का कहना है कि उनके प्रभार में आने के बाद पढ़ाई का माहौल और परीक्षा परिणाम बेहतर हुए।
गुरुवार: स्कूल से झंडा चौक तक मार्च
गुरुवार सुबह छात्राएं समय पर विद्यालय पहुंचीं और प्रदर्शन जारी रखा। दोपहर में जिला शिक्षा पदाधिकारी छात्राओं से बात करने पहुंचे और उन्हें समझाने की कोशिश की, पर छात्राएं निलंबन का कारण बताने और शशिभूषण सिंह की दोबारा पदस्थापना की मांग पर अड़ी रहीं। इसी बीच विद्यालय में छुट्टी कर दी गई, तो छात्राओं ने मुख्य गेट जाम कर दिया और फिर बड़ी संख्या में पैदल मार्च करते हुए झंडा चौक पहुंचकर सड़क पर बैठ गईं।
चौक जाम, “शशि सर को लाना है” के नारे
दोपहर करीब तीन बजे से छात्राएं झंडा चौक पर जमी रहीं। प्रभारी थाना प्रभारी पिंकी रानी और अन्य पुलिसकर्मियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानीं। इस दौरान गुजर रही एक एंबुलेंस को छात्राओं ने रास्ता दे दिया। देर शाम उन्होंने बैरिकेडिंग बीच सड़क पर रखकर चौक को पूरी तरह जाम कर दिया और “शशि सर को लाना है, विद्यालय को बचाना है” के नारे लगाती रहीं। प्रदर्शन में कई अभिभावक भी शामिल हुए। जाम से शहर में लंबी कतारें लगीं।
डीईओ का वाहन घेरा
उधर विद्यालय के बाहर भी छात्राओं का एक समूह जमा रहा। जब डीईओ विद्यालय से निकलने लगे तो छात्राओं ने गेट के पास उनके वाहन को घेर लिया और नाराजगी जताई कि उन्होंने उनसे बातचीत नहीं की। डीईओ ने कहा कि वे चुनिंदा छात्राओं से ही बात करेंगे और मौके पर अन्य लड़कियों की मौजूदगी पर सवाल उठाया। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला और किसी तरह डीईओ को बाहर निकाला। इसके बाद विद्यालय के बाहर मौजूद छात्राएं भी झंडा चौक पहुंच गईं।
आक्रोश की एक वजह: थाने में आवेदन की चर्चा
चर्चा है कि बुधवार शाम डीईओ ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को शशिभूषण सिंह के खिलाफ छात्राओं को भड़काने का मामला दर्ज कराने का निर्देश दिया था। इसमें निलंबन अवधि में उनके विद्यालय जाने का जिक्र करने की बात भी कही गई। इसी संबंध में थाने में आवेदन दिए जाने की चर्चा के बाद गुरुवार को छात्राओं का आक्रोश बढ़ गया। कुछ अभिभावकों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों पर बेवजह हटाने का आरोप भी लगाया। विभाग की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया अब तक नहीं मिली है।
मौके पर मौजूद रहे
भाजपा जिलाध्यक्ष अनूप जोशी, अभाविप के जिला संयोजक अतुल आनंद समेत बड़ी संख्या में छात्राएं और अन्य लोग मौजूद थे।
सीओ के आश्वासन पर हटा जाम
शाम करीब सात बजे अंचल अधिकारी रविभूषण प्रसाद झंडा चौक पहुंचे, छात्राओं की बात सुनी और 6 नवंबर को सुबह 11 बजे प्रखंड मुख्यालय में वार्ता कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राओं ने जाम हटा दिया।
छात्राओं ने लिखित मांगें सीओ को सौंपीं:
- शशिभूषण सिंह का निलंबन वापस लिया जाए
- उन पर छात्राओं को भड़काने के आरोप में थाने में दिए गए आवेदन को जांच के बाद वापस लिया जाए
- टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) देने की बात कहकर छात्राओं को डराने के मामले की जांच हो, और जांच में 10 छात्राओं को भी शामिल किया जाए
आगे क्या

अब सबकी नजर 6 नवंबर को होने वाली वार्ता पर है। वार्ता का नतीजा आने तक आंदोलन के आगे बढ़ने की संभावना बनी हुई है। हमारी टीम का प्रयास रहेगा कि वार्ता से जुड़ी ताजा जानकारी आप तक पहुंचाई जाए।
News Scale Live – भरोसे की पहचान






















Total Users : 1257132
Total views : 3119503