ट्रक छोड़ने के बदले एक लाख और प्रति ट्रक 15 हजार रुपये वसूली का आरोप, जमुनिया वर्कशॉप व मधुबन वाशरी से चोरी में भी संलिप्तता का दावा
धनबाद। कोयला चोरी पर अंकुश लगाने और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की क्राइम एंड इंटेलिजेंस विंग पर ही गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बीसीसीएल के ब्लॉक-2 क्षेत्र में तैनात कर्मी मृत्युंजय कुमार के खिलाफ कोयला तस्करों से कथित सांठगांठ और अवैध वसूली की शिकायत सामने आई है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कोयला लदे ट्रकों को छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये तक की मांग की गई, जबकि प्रत्येक ट्रक से 15 हजार रुपये की कथित वसूली का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में केवल कोयला तस्करी ही नहीं, बल्कि जमुनिया वर्कशॉप से लोहा चोरी और मधुबन वाशरी से मशीनों का डीजल चोरी कराने में कथित मिलीभगत का भी उल्लेख किया गया है। शिकायत के अनुसार, पूरा मामला CISF के DIG तक पहुंच चुका है।
इस शिकायत के सामने आने के बाद CISF की कार्यप्रणाली और संबंधित क्षेत्र में सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर मामला होगा। फिलहाल संबंधित कर्मी का पक्ष सामने नहीं आया है और न ही आरोपों की आधिकारिक पुष्टि हुई है। अब सबकी निगाहें CISF के उच्चाधिकारियों की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।



















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