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पुलिस-एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: सफारी कार से 19 हजार से ज्यादा कारतूस और लोडेड पिस्टल के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

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भागने में दो कारों को मारी टक्कर, मोबाइल-जीपीएस के बिना चल रहा था नेटवर्क

आरा (भोजपुर): जिले के कोईलवर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह कोईलवर पुलिस और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की संयुक्त टीम ने अवैध कारतूस तस्करी का भंडाफोड़ किया। टीम ने सफारी कार पर सवार तीन तस्करों को हजारों कारतूस और एक लोडेड पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया। बरामद सभी कारतूस 7.65 एमएम के बताए गए हैं।

कितने कारतूस मिले

अधिकतर स्थानीय रिपोर्टों में बरामदगी 20 हजार से अधिक कारतूस की बताई गई है। वहीं आईएएनएस और अमर उजाला की रिपोर्ट में आंकड़ा 19 हजार से अधिक लिखा है। सटीक गिनती पुलिस की आधिकारिक विज्ञप्ति से ही स्पष्ट होगी।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के नाम सरस कुमार, ललतू कुमार और चंदन तिवारी हैं। इनमें सरस और ललतू मुजफ्फरपुर जिले के तथा चंदन सिवान जिले का निवासी बताया गया है। तलाशी में एक आरोपी की कमर से लोडेड पिस्टल मिली। पूछताछ में तीनों ने इस धंधे में पेशेवर रूप से शामिल होने की बात स्वीकार की है।

पश्चिमी यूपी से आ रही थी खेप

शुरुआती जांच में सामने आया है कि कारतूस पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लाए जा रहे थे। योजना इन्हें मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के अलग-अलग इलाकों में खपाने की थी।

ऐसे बिछा जाल

पुलिस को पहले से सूचना थी कि एक कार से तस्कर भारी मात्रा में अवैध कारतूस लेकर बिहार आने वाले हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस और एसटीएफ ने रविवार से ही निगरानी शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार तस्कर रविवार की रात वाराणसी में रुके। सोमवार सुबह उनके बिहार में प्रवेश करने की खबर मिलते ही टीमें सतर्क हो गईं। रास्ते में कई जगह घेराबंदी हुई, पर तस्कर चकमा देकर आगे बढ़ते रहे। सुबह करीब साढ़े दस बजे कोईलवर पुलिस और एसटीएफ ने मनभावन मोड़ के पास मोर्चा संभाला। कार पहुंचते ही उसे चारों ओर से घेर लिया गया।

भागने में दो कारों को टक्कर

घिरता देख तस्करों ने भागने की कोशिश की। गाड़ी मोड़ने के दौरान उन्होंने पीछे से आ रही हैरियर को टक्कर मार दी। आगे बढ़ने की कोशिश में सामने से आ रही नेक्सन से भी भिड़ गए। दोनों कारों का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। इसके बाद पुलिस ने तीनों को दबोच लिया और सफारी कार जब्त कर ली।

मोबाइल-जीपीएस से दूरी

एक वरीय पुलिस अधिकारी के अनुसार तस्कर काफी सतर्क थे। वे मोबाइल, जीपीएस या कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण साथ नहीं रखते थे, ताकि उनकी लोकेशन का पता न चल सके।

पटना से पहुंचे एसटीएफ अधिकारी, नेटवर्क की जांच

भारी बरामदगी को देखते हुए एसटीएफ के वरीय पदाधिकारी अंजनी सिंह सोमवार दोपहर पटना से कोईलवर पहुंचे और आरोपियों से पूछताछ की। अमर उजाला के अनुसार देर शाम एसटीएफ के एसपी, डीएसपी और एमआईए के अधिकारी भी कोईलवर थाना पहुंचे। पुलिस और एसटीएफ आरोपियों का आपराधिक इतिहास और उनके आगे-पीछे के लिंक खंगाल रही हैं। कारतूस के सप्लायर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की कोशिश जारी है।

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