Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेलकूद क्राइम शिक्षा राजनीति स्वास्थ राशिफल
---Advertisement---

आंगनबाड़ी केंद्र में घोर अनियमितता, दोपहर 12 बजे के बाद खुलता है केंद्र; सेविका पर मनमानी के आरोप

---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

सप्ताह में दो से तीन दिन बंद रहता है केंद्र, बाहर भटकते हैं नन्हे बच्चे; सहायिका और पोषण सखी ने भी जताई नाराजगी, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

चतरा। लावालौंग प्रखंड अंतर्गत सिलदाग पंचायत के लेम्बोडीह स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में घोर अनियमितता बरते जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीण जगदीश कुमार भोक्ता ने केंद्र की सेविका कविता देवी पर मनमाने तरीके से केंद्र का संचालन करने का आरोप लगाया है।

उनका कहना है कि केंद्र किसी भी दिन दोपहर 12 बजे से पहले नहीं खुलता है। वहीं, महीने के प्रत्येक सप्ताह दो से तीन दिन केंद्र बंद रहता है। ऐसे में आंगनबाड़ी पहुंचने वाले छोटे-छोटे बच्चे केंद्र के बाहर इधर-उधर घूमते रहते हैं और अंततः वापस घर लौट जाते हैं।

इस संबंध में केंद्र की सहायिका सुनीता देवी एवं पोषण सखी निशू देवी ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। दोनों का कहना है कि वे निर्धारित समय पर केंद्र पहुंच जाती हैं, लेकिन सेविका के नहीं आने के कारण उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार सेविका को समय पर केंद्र खोलने के लिए कहा गया, लेकिन आरोप है कि वह उल्टे उन्हीं को भला-बुरा सुनाने लगती हैं। इतना ही नहीं, केंद्र की चाबी मांगने पर भी उन्हें चाबी नहीं दी जाती है।

ग्रामीण जगदीश कुमार भोक्ता ने बताया कि पूर्व में केंद्र की चाबी सहायिका एवं पोषण सखी के पास भी रहती थी। उस दौरान दोनों की शिकायत पर गांव के गणमान्य लोगों ने केंद्र में उपलब्ध खाद्य सामग्रियों की जांच-पड़ताल की थी। आरोप है कि जांच के दौरान घटिया किस्म की खाद्य सामग्री पाई गई थी। इसके बाद से सेविका ने कथित तौर पर किसी को भी केंद्र की चाबी देना बंद कर दिया।

वहीं, सहायिका एवं पोषण सखी का आरोप है कि इस मामले के बाद सेविका के पति अनिल यादव भी उनके साथ लड़ाई-झगड़ा करने लगे। उन्होंने कथित तौर पर यह कहते हुए आपत्ति जताई कि गांव वालों को इसमें बोलने का क्या अधिकार है। साथ ही दोनों को हाजिरी काटने की धमकी भी दी जाती है।

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आंगनबाड़ी केंद्र का नियमित संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ बच्चों एवं लाभुकों तक सही तरीके से पहुंच सके।

इस संबंध में सुपरवाइजर दिव्या कुमारी से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि आज कविता सीडीपीओ की बैठक में आई थीं। बाकी दिनों की बात जांच के बाद ही कुछ कही जा सकती है। इधर, कविता देवी इस संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं।

भरोसे की पहचान — न्यूज स्केल लाइव

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment