डेढ़ माह से सोलर मोटर का स्टार्टर खराब, मध्याह्न भोजन भी प्रभावित; विभागीय उदासीनता पर सवाल
मयूरहंड (चतरा)। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण मयूरहंड प्रखंड अंतर्गत ढेबादेरी मध्य विद्यालय के करीब 230 बच्चे बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। पानी के अभाव में विद्यालय का मध्याह्न भोजन भी प्रभावित हो रहा है। विद्यालय परिसर में लगे चापानल का सिलेंडर करीब तीन वर्षों से खराब पड़ा है। इसके बाद सोलर संचालित मोटर के माध्यम से किसी तरह विद्यालय में पानी की आपूर्ति की जा रही थी।
बताया गया कि करीब डेढ़ माह पहले सोलर एनर्जी से संचालित मोटर का स्टार्टर खराब हो गया। इसके बाद से विद्यालय में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। विद्यालय प्रबंधन समिति एवं प्रधानाध्यापक द्वारा स्टार्टर की मरम्मत के लिए उसे हजारीबाग समेत अन्य स्थानों पर ले जाया गया, लेकिन खराब स्टार्टर का पार्ट्स उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण समस्या का समाधान नहीं हो सका।
सूचना के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
विद्यालय प्रबंधन की ओर से इसकी लिखित सूचना शिक्षा विभाग को भी दी गई है। बावजूद इसके संबंधित विभाग के पदाधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। इससे विद्यालय प्रबंधन समिति एवं प्रधानाध्यापक के समक्ष बच्चों को पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ मध्याह्न भोजन संचालित करने की चुनौती बनी हुई है।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय के बगल स्थित कुएं में मोटर लगाकर किसी तरह मध्याह्न भोजन का संचालन किया जा रहा है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में कुएं के पानी की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बनी हुई है और इसी पानी से भोजन तैयार करने की मजबूरी है।
पंद्रहवीं वित्त से मरम्मत कराने की बात
बताया गया कि उपायुक्त ने पंचायत स्तर पर खराब चापानलों की मरम्मत कराने को लेकर बीडीओ एवं संबंधित पंचायत के मुखिया को निर्देश दिया है। इसके बावजूद विद्यालय में जल संकट बना हुआ है। इस संबंध में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने बताया कि चापानल को पंद्रहवीं वित्त मद से बीडीओ और मुखिया द्वारा बनवाया जाना है। ग्रामीणों एवं विद्यालय प्रबंधन ने जल्द पानी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि बच्चों को पेयजल और मध्याह्न भोजन के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़े।




















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