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पुलिस-ग्रामीण झड़प, एसपी की सूझबूझ से टली बड़ी घटना

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महिला-पुरुष को मुक्त कराने पहुंची पुलिस पर पथराव, थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी घायल; पांच वाहन क्षतिग्रस्त

टंडवा (चतरा)। चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिद्पा गांव में मंगलवार को एक महिला और पुरुष को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराने पहुंची पुलिस और ग्रामीणों के बीच जमकर झड़प हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें टंडवा थाना प्रभारी पप्पू शर्मा, सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव समेत जवान हरिपद महतो और बैजनाथ महतो घायल हो गये। वहीं पथराव में पुलिस के पांच वाहन क्षतिग्रस्त हो गये। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को तीन हवाई फायरिंग करनी पड़ी। कई घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने कमरे में बंद महिला और पुरुष को मुक्त कराकर थाने पहुंचाया।

बताया गया कि ग्रामीणों ने एक शादीशुदा महिला और शादीशुदा युवक शहबाज को एक कमरे में बंद कर दिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि युवक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में था। युवक के दूसरे समुदाय से होने की बात सामने आने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गये और घर को घेर लिया। इससे गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी।

समझाने के बावजूद नहीं मानी भीड़, पुलिस पर हुआ पथराव

घटना की सूचना मिलते ही टंडवा थाना प्रभारी पप्पू शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से महिला एवं पुरुष को मुक्त करने की अपील की। हालांकि ग्रामीण दोनों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए। इसी बीच भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग की, जिसमें थाना प्रभारी पप्पू शर्मा घायल हो गये।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार और सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीण दोनों को अगले दिन सुबह छोड़ने की मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक समझाने के बाद भी जब ग्रामीण नहीं माने तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर दोनों को मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की। इस पर भीड़ फिर उग्र हो गयी और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।

इस दौरान सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव तथा जवान हरिपद महतो और बैजनाथ महतो घायल हो गये। पथराव में पुलिस के पांच वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। लगातार बढ़ते विरोध के बीच पुलिस ने किसी तरह महिला और पुरुष को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया और दोनों को सुरक्षा के बीच थाने ले गयी।

एसपी की सूझबूझ से टली बड़ी घटना, तीन गांवों में सुरक्षा कड़ी

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने सूझबूझ और कुशल नेतृत्व के साथ स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति को नियंत्रण में लिया गया। घटना के बाद सिद्पा के साथ बड़गांव और डहू गांव में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है। एहतियातन दोनों गांवों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

गांव में प्रवेश करने वाले रास्तों पर पुलिस की नजर है और संवेदनशील इलाकों में जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। पुलिस-प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से शांति बनाये रखने की अपील की गयी है। साथ ही कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है।

डीएसपी प्रभात रंजन बरवार ने बताया कि घटना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल सिद्पा, बड़गांव और डहू गांव में स्थिति नियंत्रण में बतायी जा रही है तथा पुलिस हालात पर लगातार नजर रख रही है।

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