बड़े-बड़े गड्ढों में जमा बारिश का पानी, राहगीरों की बढ़ी परेशानी; ग्रामीणों ने सांसद-विधायक से भी जताई नाराजगी
हंटरगंज (चतरा)। चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली चतरा-डोभी मुख्य पथ एनएच-22 की बदहाल स्थिति इन दिनों राहगीरों के लिए परेशानी के साथ हादसे का कारण बनती जा रही है। सरकारी विद्यालय लोहसिहना के पास सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की स्थिति और खतरनाक हो गई है।
सड़क की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस मार्ग पर वाहन चलाना कितना जोखिम भरा है। गड्ढों के कारण खासकर दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। वहीं चारपहिया और भारी वाहन चालक भी गड्ढों से बचते हुए किसी तरह आवागमन कर रहे हैं।
गोसाईडीह से लोहसिहना तक कई जगह सड़क खराब
चतरा-डोभी मुख्य पथ बिहार को चतरा से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। इसके बावजूद सड़क की बदहाली लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार गोसाईडीह से लेकर लोहसिहना तक कई स्थानों पर सड़क की स्थिति खराब है। इनमें लोहसिहना के पास बने बड़े गड्ढे सबसे अधिक परेशानी का कारण बने हुए हैं।
बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। अचानक गड्ढा सामने आने पर बाइक सवारों को वाहन संभालना भी मुश्किल हो जाता है।
जनप्रतिनिधियों के प्रति भी ग्रामीणों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। इसे लेकर ग्रामीणों में सांसद और विधायक के प्रति भी नाराजगी देखी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और रोजाना हजारों लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। इसके बावजूद सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। लोगों का सवाल है कि जब सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है तो जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग की ओर से ठोस पहल क्यों नहीं की जा रही है।
भारी वाहनों के दबाव से भी सड़क पर बढ़ रहा बोझ
चतरा-डोभी मार्ग पर लगातार भारी वाहनों का परिचालन होता है। वाहनों के बढ़ते दबाव के बीच नियमित रखरखाव और मरम्मत नहीं होने से सड़क की स्थिति लगातार खराब होने की बात स्थानीय लोगों ने कही है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल गड्ढों को भरने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे क्षतिग्रस्त हिस्से की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं संबंधित राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग से तत्काल सड़क का निरीक्षण कराने, खतरनाक गड्ढों को भरने और क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि एनएच-22 क्षेत्र की लाइफ लाइन है। यदि यही सड़क लोगों के लिए खतरे का कारण बन जाए तो यह गंभीर चिंता का विषय है। समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है।






















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