शिक्षकों ने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र दिया, मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच को बताया जरूरी
हजारीबाग। कौशल्या प्लाजा, पुराने बस स्टैंड के समीप स्थित चाणक्य आईएएस अकादमी में शिक्षक दिवस समारोह उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अकादमी के छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि कठिन परिस्थितियों में सही दिशा दिखाकर उनके सपनों को पूरा करने का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।
सिविल सेवा में धैर्य और अनुशासन जरूरी
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षक आशीष प्रताप सिंह, अजित डेहरिया एवं रंजन सर मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में चाणक्य आईएएस अकादमी के डायरेक्टर विनय मिश्रा और महाप्रबंधक रीमा मिश्रा उपस्थित रहीं। सेंटर हेड मोहन सर समेत अकादमी की मेंटर एवं मैनेजमेंट टीम ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
डायरेक्टर विनय मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिविल सेवा की तैयारी केवल ज्ञान हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें धैर्य, चरित्र और अनुशासन की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। सही दिशा में निरंतर प्रयास करने से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
महाप्रबंधक रीमा मिश्रा ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कड़ी मेहनत और खुद पर विश्वास ही विद्यार्थी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने चुनौतियों को असफलता के बजाय सीखने का अवसर मानने की सलाह दी।
शिक्षक आशीष प्रताप सिंह, अजित डेहरिया और रंजन सर ने कहा कि सफल अभ्यर्थी वही होता है जो अपनी असफलताओं का विश्लेषण कर कमियों को सुधारता है। उन्होंने प्रशासनिक सेवा की तैयारी में सही रणनीति, एकाग्रता और सकारात्मक सोच को महत्वपूर्ण बताया। समारोह के अंत में सेंटर हेड मोहन सर ने अतिथियों, शिक्षकों और मैनेजमेंट टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं शिक्षकों के सम्मान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




















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