फोरलेन पर भारी वाहनों से लगा जाम, हाइवा की चपेट में आने से बाल-बाल बचा बाइक सवार
टंडवा (चतरा)। कोयला परिवहन के नाम पर टंडवा प्रखंड की सड़कों पर दौड़ रहे भारी कोल हाइवा अब लोगों के लिए परेशानी के साथ-साथ हादसे का खतरा बनते जा रहे हैं। सोमवार को चुंदरू से डाम्हाबागी फोरलेन तक सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों की बेतरतीब आवाजाही और जाम के बीच एक मोटरसाइकिल सवार युवक हाइवा की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर बड़ी संख्या में कोल हाइवा के एक साथ परिचालन से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। दोनों ओर भारी वाहनों की कतार लगने से आम वाहनों के लिए रास्ता बेहद संकरा हो गया। इसी दौरान बाइक सवार युवक ने किसी तरह रास्ता निकालकर अपनी जान बचाई।

घंटों जाम में फंस रहे आम लोग
चुंदरू से डाम्हाबागी फोरलेन तक जाम की समस्या अब आम हो गई है। कोयला ढुलाई के लिए लगातार दौड़ रहे भारी वाहनों के कारण आए दिन यातायात बाधित होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। जाम में स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरी-पेशा लोगों, छोटे वाहन चालकों और स्थानीय व्यवसायियों को परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों ओर से भारी वाहनों की आवाजाही के बीच बाइक और छोटे वाहन चालकों को संकरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। ऐसे में छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
यातायात व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि कोयला परिवहन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके अनुरूप सड़क प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था नजर नहीं आती। भारी वाहनों की पार्किंग, परिचालन और सड़क पर नियंत्रण को लेकर निर्धारित नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच आवश्यक है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से भारी वाहनों के परिचालन की निगरानी, सड़क किनारे अनधिकृत पार्किंग पर रोक तथा जाम वाले स्थानों पर प्रभावी ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।





















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