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फ्लाई ऐश से भूजल दूषित होने का आरोप, पेयजल संकट

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बोरिंग से निकल रहा बदबूदार व मटमैला पानी, ग्रामीणों ने एनटीपीसी से वैकल्पिक पेयजल व फ्लाई ऐश के सुरक्षित निस्तारण की मांग की

टंडवा (चतरा)। टंडवा प्रखंड के गाडिलौंग गांव में ग्रामीणों ने एनटीपीसी के फ्लाई ऐश भंडारण से भूजल प्रभावित होने का आरोप लगाया है। ग्रामीण जगेश्वर साव का कहना है कि फ्लाई ऐश के ढेरों से निकलने वाले पानी के जमीन में रिसाव के कारण आसपास के बोरिंग का पानी दूषित हो गया है। डीप बोरिंग और सामान्य बोरिंग से मोटर चलाने पर बदबूदार एवं मटमैला पानी निकल रहा है, जिसके कारण ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट के आसपास रहने वाले लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि दूषित पानी के इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। मानसून के दौरान भी ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

सड़क और धूल प्रदूषण की भी शिकायत

जगेश्वर साव ने आरोप लगाया कि कोयला परिवहन के लिए पर्याप्त वैकल्पिक सड़क की व्यवस्था नहीं होने के कारण सार्वजनिक सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। जर्जर सड़कों और धूल प्रदूषण से भी ग्रामीण परेशान हैं। उन्होंने एनटीपीसी प्रबंधन से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, बोरिंगों की मरम्मत, सड़कों को दुरुस्त कराने तथा फ्लाई ऐश के सुरक्षित निस्तारण की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

एनटीपीसी प्रबंधन का पक्ष नहीं मिल सका

मामले में एनटीपीसी प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों के आरोपों के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। ऐसे में भूजल प्रदूषण के आरोपों की वास्तविकता संबंधित विभाग द्वारा पानी की वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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