आदेश के अनुपालन में देरी पर उठे सवाल, समन्वय के नाम पर प्रक्रिया आगे बढ़ने का दावा; प्रशासनिक कार्रवाई पर निगाह
चतरा। शहर के चांदनी होटल को सील करने के लिए एसडीओ द्वारा जारी आदेश के बावजूद चार दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। बताया गया कि होटल को सील करने का आदेश 27 अगस्त को जारी किया गया था, लेकिन सोमवार तक होटल को सील नहीं किया जा सका है।
सूत्रों के अनुसार, आदेश के अनुपालन के लिए दंडाधिकारी आलोक चौधरी को जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, अब तक होटल सील नहीं होने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। बताया जा रहा है कि कार्रवाई से पहले संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है।

देरी को लेकर उठ रहे कई सवाल
होटल को सील करने के आदेश के बावजूद कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक स्तर से आदेश जारी किया गया है, तो उसके अनुपालन में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। वहीं, कार्रवाई में देरी के कारणों को लेकर प्रशासन की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
मामले को लेकर सांठगांठ या किसी प्रकार के प्रभाव की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
बताया जा रहा है कि होटल से संबंधित मामला न्यायालय में भी लंबित है और आरोपी पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि होटल पहले सील होगा या न्यायालय से आरोपी को जमानत मिलेगी।
अब निगाह इस बात पर है कि प्रशासन एसडीओ के आदेश का अनुपालन कब कराता है और कार्रवाई में हुई देरी के कारणों को लेकर क्या स्पष्टीकरण सामने आता है। साथ ही, यदि आदेश के अनुपालन में किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार पदाधिकारी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।





















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