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रांची में आदिवासी एकता महाजुटान, हजारीबाग से हजारों के पहुंचने का दावा

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परिसीमन, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और जल-जंगल-जमीन के मुद्दे पर जुटेगा आदिवासी समाज

हजारीबाग। प्रस्तावित परिसीमन, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर रविवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित आदिवासी एकता महाजुटान में हजारीबाग से हजारों लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। जिले के सभी 16 प्रखंडों से महिला, युवा और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को रांची ले जाने की तैयारियां पूरी होने की बात आयोजकों ने कही है।

महाजुटान की तैयारियों को लेकर शनिवार को हजारीबाग प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रवक्ता विक्की कुमार धान और संयोजक विजय सिंह भोक्ता ने संयुक्त रूप से जानकारी दी।

परिसीमन और आदिवासी प्रतिनिधित्व पर जोर

विक्की कुमार धान ने कहा कि महाजुटान का उद्देश्य आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, संवैधानिक अधिकारों और जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती के साथ उठाना है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन महज निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन का विषय नहीं है, बल्कि यह झारखंड में आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक भागीदारी से भी जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल है।

महाजुटान में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों में वृद्धि, पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन, लोकसभा और विधानसभा में आदिवासी प्रतिनिधित्व मजबूत करने, स्थानीय एवं नियोजन नीति लागू करने समेत कई मांगें उठाई जाएंगी।

जमीन और ग्रामसभा के अधिकार भी प्रमुख मुद्दे

विजय सिंह भोक्ता ने कहा कि आदिवासी समाज की जमीन उसकी पहचान, संस्कृति और अस्तित्व से जुड़ी हुई है। इसलिए जमीन की सुरक्षा से संबंधित कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है। उन्होंने पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में ग्रामसभा के अधिकार मजबूत करने और पेसा कानून को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग को भी महाजुटान का प्रमुख मुद्दा बताया। इसके अलावा लैंड बैंक एवं लैंड पूल को समाप्त करने, विस्थापन और पलायन पर रोक लगाने जैसे विषय भी उठाए जाएंगे।

16 प्रखंडों से भागीदारी का दावा

आयोजकों के अनुसार, महाजुटान में विभिन्न आदिवासी सामाजिक संगठनों की भागीदारी रहेगी। हजारीबाग जिले के सभी 16 प्रखंडों से बड़ी संख्या में लोगों के रांची पहुंचने का दावा किया गया है। आयोजकों ने आदिवासी समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रांची पहुंचकर महाजुटान को सफल बनाने की अपील की। प्रेस वार्ता में मनीषा टोप्पो, पतरस नाग समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

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