प्रेस वार्ता में एसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी, तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी
टंडवा (चतरा)। टंडवा थाना क्षेत्र के उर्सू मोड़ स्थित सुशी चंद्रगुप्त कोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड के सिक्योरिटी कार्यालय में 23 अगस्त को हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है। मामले में तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
उक्त जानकारी पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने टंडवा स्थित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त 2026 को उर्सू मोड़ स्थित कोल माइंस के सिक्योरिटी कार्यालय में अज्ञात मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने दहशत फैलाने और रंगदारी मांगने के उद्देश्य से फायरिंग की थी। इस दौरान सिक्योरिटी गार्ड राहुल दुबे को गोली लगने से वह घायल हो गए थे।
घटना के संबंध में राहुल दुबे की शिकायत पर टंडवा थाना कांड संख्या 193/2026, दिनांक 23 अगस्त 2026 को बीएनएस की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित हुई एसआईटी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टंडवा के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्य एवं मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 24 अगस्त को रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के सेटे मैदान के पास से विकास कुमार सिंह और स्वराज ठाकुर को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ और मोबाइल फोन की जांच से घटना में दोनों की संलिप्तता से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए तीन अन्य आरोपियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस उन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
घटना के बाद हथियार छिपाने की बात सामने आई
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में विकास कुमार सिंह ने बताया कि घटना में इस्तेमाल हथियार को 23 अगस्त की वारदात के बाद भागने के दौरान रास्ते में छिपा दिया गया था। हथियार बरामद करने के लिए एसआईटी टीम आरोपी विकास कुमार सिंह को उसके बताए स्थान पर ले जा रही थी।
इसी दौरान आरोपी ने पुलिस पदाधिकारी से पिस्टल छीनकर फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा और हथियार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चेतावनी दी और जवाबी फायरिंग की। इस दौरान विकास कुमार सिंह के पैर में गोली लगी। उसे तत्काल इलाज के लिए एनटीपीसी अस्पताल टंडवा भेजा गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए हजारीबाग रेफर किया गया।
रंगदारी की रकम भी सामने आई
पुलिस के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपी स्वराज ठाकुर के खाते में घटना के बाद 50 हजार रुपये भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, घटना में शामिल लोगों द्वारा उर्सू मोड़ स्थित कोल माइंस कार्यालय में फायरिंग की गई थी और इसके बाद रंगदारी की रकम से जुड़े लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
हथियार, मोबाइल और नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 7.65 एमएम का एक खाली खोखा, 7.62 एमएम के 19 खाली खोखे, तीन स्मार्टफोन तथा 32,800 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस घटना में इस्तेमाल हथियार और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
कार्रवाई में टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार, टंडवा थाना प्रभारी पप्पू कुमार शर्मा, पिपरवार थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मिश्रा, टंडवा थाना के पुलिस पदाधिकारी प्रभात कुमार, अमित कुमार एवं संदीप कुमार, तकनीकी शाखा की टीम तथा टंडवा थाना रिजर्व गार्ड के सशस्त्र बल शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने प्रेस वार्ता में कहा कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
























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