*अकिल एड़पा कार्यक्रम के तहत पदाधिकारियों ने किया स्कूलों का निरीक्षण*
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लोहरदगा।
अकिल एड़पा कार्यक्रम के तहत आज जिला के पदाधिकारियों ने अपने-अपने आवंटित विद्यालयों में जाकर छात्र-छात्राओं को पढ़ाया और आवश्यक निरीक्षण किया।
पदाधिकारियों में ; उप निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार ने शाहबुटी उच्च विद्यालय सेन्हा, अनुमण्डल पदाधिकारी अमित कुमार ने उत्क्रमित राजकीयकृत उच्च विद्यालय आकाशी, जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रीसेती भार्गवी, बीडीओ भंडरा प्रतिमा कुमारी ने प्रोजेक्ट बालिका हाई स्कूल भंडरा, बीडीओ सेन्हा संग्राम मुर्मू ने राजकीयकृत उत्क्रमित सिठीयो, नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय कुज्जी समेत अन्य पदाधिकारियों ने विद्यालयों का निरीक्षण किया।
इससे पूर्व पीडी आइटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग ने राजकीयकृत बालिका उच्च विद्यालय लोहरदगा, जिला शिक्षा पदाधिकारी दास सुनंदा चंद्रमौलेश्वर ने हाइ स्कूल गगेया, जिला कृषि पदाधिकारी काले न खलखो ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय कुजरा समेत अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने अपने विद्यालयों का निरीक्षण किया और छात्र-छात्राओं को पढ़ाया।
*शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए सिलेबस समय पर पूरा कराने, छात्रों को नियमित पढ़ाये गए विषयों कि पुनरावृति एवं कमजोर विद्यार्थियों के लिए रिमेडियल कोचिंग का निर्देश*
अकिल एड़पा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत सफलता सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक को विद्यालय में पठन-पाठन की गुणवत्ता एवं परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने निर्धारित पाठ्यक्रम को ससमय पूरा कराने तथा लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पदाधिकारियों कहा कि प्रत्येक माह आयोजित होने वाली रेल परीक्षा के परिणामों की नियमित समीक्षा की जाए। कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए आवश्यक रिमेडियल कोचिंग एवं अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विगत वार्षिक परीक्षा के परिणामों की समीक्षा कर सामने आई कमियों का निराकरण करते हुए आगामी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पदाधिकारियों ने शिक्षकों की ससमय उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया।
सम्बंधित शिक्षकों और प्रभारी को निर्देश दिया गया कि विद्यार्थियों का प्रत्येक माह कम-से-कम दो बार टेस्ट लिया जाए तथा प्राप्त परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि में आवश्यक सुधार लाया जाए। साथ ही विगत वर्षों के परीक्षा परिणामों का विषयवार विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन विषयों में विद्यार्थी अपेक्षाकृत अधिक संख्या में अनुत्तीर्ण हो रहे हैं। ऐसे विषयों को चिह्नित कर विशेष रणनीति के माध्यम स शैक्षणिक सुधार करते हुए शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

पदाधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों को विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन, निरंतर मूल्यांकन एवं कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से आगामी माध्यमिक परीक्षाओं में बेहतर से बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।


























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